Monday, December 6, 2021 at 2:19 AM

करवाचौथ पर महिलाएं भूलकर भी न करें ये काम 

करवा चौथ सबसे पसंदीदा त्योहारों में से एक है जो एक पति पत्नी के बीच के रिश्ते को दर्शाता है। इस दिन, विवाहित महिलाएं ‘सरगी’ खाने के लिए सूर्योदय से पहले सुबह जल्दी उठती हैं – सरगी में आमतौर पर उनकी सास द्वारा तैयार भोजन – ज्यादातर सेंवई, दूध और सूखे मेवे होते हैं। इस भोजन के बाद, वे चंद्रमा के प्रकट होने तक वे निर्जला उपवास रखती हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मनाया जाता है। यह हर साल कार्तिक महीने के चौथे दिन पड़ता है। इस साल  करवा चौथ रविवार 24 अक्टूबर 2021 को मनाया जाएगा।

करवाचौथ पर महिलाएं भूलकर भी न करें ये काम 

करवा चौथ पर महिलाएं जल्दी उठती हैं और ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करती हैं, उसके बाद, वे करवा माता, भगवान शिव, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय से प्रार्थना करते हैं और संकल्प (प्रतिज्ञा) लेती हैं कि व्रत का पालन अत्यंत भक्ति और ईमानदारी से करेंगी। करवा चौथ के दिन देर तक न सोएं क्योंकि व्रत की शुरुआत सूर्योदय के साथ ही हो जाती है। करवा चौथ के दिन यह व्रत करते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए अन्यथा इसके अशुभ फल भुगतने पड़ सकते हैं। व्रती महिलाओं को करवाचौथ में भूलकर भी यह पांच काम करने से बचना चाहिए। आइये जानते हैं क्या हैं वो चार काम-

नुकीली चीजों से बचें 

करवाचौथ के दिन किसी भी प्रकार कि नुकीली चीज़ों से दूर रहना चाहिए। किसी भी प्रकार की कढ़ाई,सिलाई जैसे काम नहीं करने चाहिए। सुई धागे से तो बिलकुल दूर रहना चाहिए।

सफेद वस्तुओं का दान न करें 

करवाचौथ सुहाग का त्यौहार हैं इसलिए इस दिन आप दान करना चाहें तो थोड़ा ध्यान रखें। करवाचौथ के दिन सफेद वस्तुओं जैसे सफेद कपड़े, दूध, चावल, दही और सफेद मिठाई आदि का दान न करें।

काला रंग न पहनें 

करवाचौथ सुहागिनों का त्यौहार है। इसलिए पूजा-पाठ के दौरान काले या भूरे रंग को शुभ नहीं माना जाता है। कोशिश करें कि इस दिन आप लाल रंग के वस्त्र ही धारण करें।इसके पीछे एक कारण यह भी है कि लाल रंग प्यार का प्रतीक माना जाता है।

अपशब्द न कहें 

करवाचौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए। उन्हें की से भी किसी भी प्रकार के अपशब्द नहीं बोलने चाहिए और न ही किसी से किसी प्रकार का झगड़ा करना चाहिए। खासतौर से अपने पति से झगड़ा बिल्कुल नहीं करना चाहिए वरना व्रत का फल नहीं मिलेगा।