Saturday, January 22, 2022 at 2:03 AM

कृषि विज्ञान केंद्र पर हुआ “विश्व मृदा दिवस” का आयोजन,सब्जी पौध वितरित

मिट्टी हमारे जीवन का एक मूल तत्व – कर्नल के.सी.मिश्रा

बस्ती – आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह एवं निदेशक प्रसार प्रो.ए.पी.राव के दिशा निर्देश में संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती द्वारा आज दिनांक 5 दिसंबर 2021 को “विश्व मृदा दिवस” का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त कर्नल के.सी.मिश्रा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा “मिट्टी हमारे जीवन का एक मूल तत्व है इसलिए आज विश्व मृदा दिवस के अवसर पर आइए हम सब मिलकर मिट्टी के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लें”। भूमि को स्वस्थ एवं उर्वरता को बढ़ाएं रखने हेतु जैव आधारित उत्पादों जैसे जीवामृत, धनामृत, ट्राइकोडरमा,वी.टी. एवं एन.पी.बी. आदि का प्रयोग करें तथा मृदा स्वास्थ्य को बिगड़ने से बचाएं। इस अवसर पर उन्होनें कहा कि खेती में अत्यधिक कीटनाशकों व रासायनिक खादों का प्रयोग करने से हमारी खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य खराब हो रहा है , इससे बचने के लिए हमें जैविक खेती एवं जैव उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए।
केंद्राध्यक्ष प्रो. एस.एन.सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक वर्ष आज के दिन पूरे विश्व में मृदा दिवस का आयोजन किया जाता है, जिसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र संघ-महासभा द्वारा वर्ष 2013 में पारित संकल्प से खाद्य एवं कृशि संगठन द्वारा वर्ष 2014 में की गई।
गृह वैज्ञानिक वीना सचान ने अवगत कराया कि मिट्टी को स्वस्थ एवं उपजाऊ बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि खेत में फसल की बुवाई के पहले मिट्टी का जांच कराएं तथा संस्तुति के आधार पर ही पोषक तत्व का प्रयोग करें।
आर.बी. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिए लंबी और जल्दी बढ़ने वाली फसलों के बाद बौनी फसलों को उगाना चाहिए- जैसे गन्ने के बाद चारा फसलों को उगाने से उर्वरता घटती है।
कार्यक्रम का संचालन आर.बी. सिंह व धन्यवाद ज्ञापन डा. डी. के. श्रीवास्तव ने किया। इस कार्यक्रम में 167 कृषक एवं कृषक महिलाएं तथा केंद्र के समस्त वैज्ञानिक एवं समस्त कर्मचारी गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम मे कृषक महिलाओं को पालक ,मिर्च टमाटर, बैगन आदि के सब्जी पौध वितरित किए गए।