Friday, December 3, 2021 at 6:04 AM

चिड़ियाघर 29 को होगा 100 साल का, तैयारी पूरी स्वागत के लिये हो रहे है कार्यक्रम, इतिहास गवाह है 29 नवंबर 1921 को हुआ था स्थापित

लखनऊ । राजधानी में प्रदेश का सबसे पुराना चिड़ियाघर 100 साल की दहलीज पर पहुंच गया है। लखनऊ जू अपना शताब्दी समारोह मना रहा है। 29 नवंबर तक अलग-अलग कार्यक्रम प्राणि उद्यान में आयोजित किए जा रहे हैं।यह सिलसिला 22 नवंबर से चालू है। इस बीच जू में कई लोगों ने यहां के जानवरों को गोद लिया है। वहीं लोक गीत की गायिका मालिनी अवस्थी ने भी मंगल भालू को गोद ले लिया है।
आप को बता दें कि मंगल भालू हिमालयन है यह सभी तरह का भोजन खाता है। गुरुवार को मंगल भालू अपने मस्ती में मस्त गुनगुनी धूप में लोगों का मनोरंजन करा रहा था।   बता दें कि 29 नवंबर को चिड़ियाघर के 100 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शताब्दी स्तंभ का उद्घाटन करेंगे। लखनऊ जू के निदेशक आर.के. सिंह  ने बताया कि मुख्यमंत्री को कार्यक्रम के लिए पत्र भेज दिया गया है। जल्द ही सीएम ऑफिस से मंजूरी होने के बाद पूरा कार्यक्रम जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 29 नवंबर 1921 को हुई थी।
लखनऊ प्राणि उद्यान की स्थापना अंग्रेजी हुकूमत में की गई थी। 29 नवंबर 1921 को प्रिंस वेल्स के स्वागत में तत्कालीन गवर्नर सर हरकोर्ट बटलर  ने इसकी स्थापना कराई थी। हालांकि लखनऊ जू की नींव 18वीं शताब्दी में पड़ी थी। तब इसे आम के बाग के रूप में जाना जाता था। 18वीं शताब्दी में अवध के तत्कालीन नवाब नसीरुद्दीन हैदर ने आम के बाग के रूप में इसकी नींव रखी थी। अवध के नवाब और जमींदारों ने समाज के संचालन और रखरखाव के लिए उस वक्त 7.3 लाख रुपये का योगदान दिया। उस समय इसे बनारसी बाग के नाम से जाना जाता था। वर्ष 2001 में जूलॉजिकल पार्क को प्रिंस ऑफ वेल्स जूलॉजिकल गार्डन ट्रस्ट से बदलकर लखनऊ जूलॉजिकल गार्डन  कर दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2015 में जूलॉजिकल पार्क को लखनऊ जूलॉजिकल गार्डन से बदलकर नवाब वाजिद अली शाह जूलॉजिकल गार्डन  लखनऊ कर दिया गया था।  लखनऊ के चिड़ियाघर की स्थापना 1921 में होने के बाद 1925 में राजा बलरामपुर ने पहले बाड़े का निर्माण बब्बर शेर का कराया था। इसके बाद 1935 में रानी राम कुमार भार्गव ने तोता लेन का निर्माण कराया और फिर भालू, टाइगर बाड़ों के साथ अब यहां वर्तमान में, जानवर आधुनिक लाइनों पर बने 152 बाड़ों में रहने वाले वन्यजीव अपनी जिंदगी जीने के साथ आने वाले दर्शकों का मनोरंजन करते हैं। यह 29 हेक्टेयर में फैला है।

Attachments area