सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करता है बांदा महोत्सव- जयवीर सिंह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से 22 और 23 मार्च को बांदा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय बांदा महोत्सव का आयोजन राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में हो रहा है, जिसमें दर्शकों को भक्तिमय और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बांदा महोत्सव बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करने का विशिष्ट मंच है, जो ‘ विकास व विरासत ’ के मूल मंत्र को चरितार्थ करता है।
उन्होंने बताया कि बांदा महोत्सव 2025 के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों की भव्य प्रस्तुति होगी। ‘सांस्कृतिक धरोहर, लोक कला, उद्योग एवं विकास’ की थीम पर आयोजित महोत्सव में दर्शकों को बुंदेलखंडी लोकनृत्य, पारंपरिक संगीत और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बांदा महोत्सव का हिस्सा बनें और अपनी संस्कृति से जुड़ें। यह ऐसा अवसर है, जहां आप परंपराओं से रूबरू होंगे और यादगार अनुभव अपने साथ ले जाएंगे। स्ट्रीट फूड, पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय पकवानों के साथ घूमने का मजा दोगुना हो जाएगा। बच्चों के लिए झूले, खेल, एडवेंचर एक्टिविटीज उपलब्ध हैं, वहीं गीता ज्ञान, भजन संध्या और प्रेरणादायक प्रवचन सभी आयु वर्ग के लोगों को आकर्षित करेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बांदा महोत्सव जैसे आयोजन के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा मिलता है। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है, बल्कि पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की प्राचीन लोक कलाएं विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुकी हैं, उनको जीवन्त बनाने तथा अगली पीढ़ी को विरासत के रूप में उपलब्ध कराने के लिए इस तरह के आयोजनों की महती आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है, ऐसे महोत्सव राज्य की विरासत को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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