गौशाला में करंट लगने से 11 गायों की मौत

एटा। जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के जीटी रोड मंडी समिति के पास स्थित गोपाल गौशाला में गुरूवार को गौशाला कर्मियों की लापरवाही के चलते 11 गायों की संदिग्ध परिस्थितियों में दर्दनाक मौत हो गई।
घटना क्रम के अनुसार बुधवार की रात को शहर की मन्डी समिति के निकट स्थित गोपाल गौशाला में बिजली का करंट लगने से 11 गायों की दर्दनाक मौत हो गई। 11 गायों की मौत होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तक्काल हरकत में आ गया और मौके पर इंस्पेक्टर कोतवाली नगर पंकज मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ जा पहुँचे और घटना की सूचना जिला प्रशासन को दी, तो एसडीएम् सदर भी मौके पर पहुंचे। घटना के बाद मिली जानकारी के मुताबिक गायों की मौत के लिऐ गौशाला का प्रबंधन स्पष्ट जिम्मेदार बताया जा रहा है, जिसने घटना पर पर्दा डालने के लिऐ तत्काल जेसीबी मशा़ीन से गहरा गड्डा खुदवाकर मृत गायों का अंतिम संस्कार कराने से पूर्व प्रशासन को सूचना नहीं दी।
बताया जा रहा है कि दीपावली पर गौशाला रोशन करने के लिऐ छत पर रखी पानी की टंकी पर भी झालर डालीं गयीं। गौशाला तो रोशन हुई लेकिन पानी की टंकी से उतरे करंट से बुधवार की रात 11 गायों की जान जाने के बाद गौशाला प्रबंधन की आंख खुली, लेकिन जब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बारीकी से जांच के बाद पता चला कि गौशाला के कर्मचारी दीपावली मनाने मे इतने मस्त थे कि वह गौशाला में गायों को पानी पिलाने के लिए लगी समर को चलाने के बाद बंद करना भूल गए और छत पर लगी पानी की टंकी से पानी ओवरफ्लो होकर ऊपर से निकल कर चारों ओर बहने लगा जिस पर सजावट के लिए लगी झालर के तार से करंट पानी के साथ नीचे उतर आया और गौशाला में लोहे के गेट के किनारे बैठी गाय करंट की चपेट में आ गई जिसमें 11 गायों की रात्रि में ही दर्दनाक मौत हो गई। अपनी गलती छुपाने के लिए घबराए गौशाला प्रबंधन में आनन-फानन में जेसीबी बुलाकर गौशाला के पास ही एक बड़ा गड्ढा खुदवाकर उसमें गायों को दफन करने का प्रोग्राम बना लिया। किंतु जब वह करंट की मरी गायों को दफन करने का प्रोग्राम बना रहे थे। उसी समय वहां 11 गायों की मरने की सूचना आसपास के लोगों को लग गई भीड़ भारी संख्या में इकट्ठी हो गई और घटना की सूचना थाना पुलिस को दी गई। जिस पर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गौशाला कर्मियों द्वारा गायों को दफन किए जा रहे कार्यक्रम को बीच में ही रुकवा कर घटना की सूचना जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को दी तो उनके निर्देश पर पुलिस ने मृतक गायों का घटनास्थल पर ही पोस्टमार्टम करा उनका सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार कराया। इस पूरे क्रम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर का विशेष योगदान देखने को मिला। उन्होंने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार हेतु ले जाई जा रही गायों पर बाजार से शाले मंगाकर उड़वा कर व नमक की कई बोरियां मगाकर गड्ढे में डलवा कर उनका ससन्मान अंतिम संस्कार कराया
गोपाल गौशाला के मुनीम नंदकिशोर गुप्ता ने बताया कि दीपावली पर गौशाला की सजावट के लिए झालर डाली गई थी जिसमें झालर पानी की टंकी के ऊपर भी पड़ी थी, जहां से पानी की टंकी छलक के पानी ऊपर आ गया और पानी के साथ करंट आने से गायों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मुझे प्रातः 5ः15 बजे हुई जब गौशाला में जाकर गायों को देखा तो 11 गाय वहां में मरी पड़ी मिली जिसकी सूचना मैंने गौशाला के प्रबंधक सतीश चंद गुप्ता को दी। उन्हीं के निर्देश पर मैं गड्ढा खुदवाकर गायों का अंतिम संस्कार करा रहा था।
उप्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर पंकज मिश्रा ने बताया कि गायों की मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है कि 11 गायों की मौत कैसे हुई और इसमें दोषी कौन है जांच की जा रही है। बिजली का करंट लगने से गौशाला में नौ गाय व दो साड़ों की मौत हो चुकी है। गौशाला प्रबंधन गायो को बिना सूचना दिए ही दफन करना चाहता था। प्रशासन के आदेश पर मृतक गायों का पोस्टमार्टम करा गायों का सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार करा दिया गया है। घटना की जांच कराई जा रही है। शेष पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।

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