हरदोई-चार दिन पूर्व मिली लावारिश नवजात बेटी लड रही जिंदगी मौत से 

वहीं दूसरी ओर जिला अधिकारी हजारों बेटियों के बीच बना रहे विश्व रिकार्ड

आखिर जनपद में अब तक मिले लावारिश नवजात बेटियों के असली वारिश क्योँ नही मिले

कलयुगी मां ने नवजात बच्ची को खेत में फेंका

हरपालपुर।हरदोई।11अक्टूबर।एक तरफ जिला अधिकारी भव्य कार्यक्रम कर बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ से विश्वरिकार्ड बनाने का दम भर रहे है।तो वहीं दूसरी तरफ जहां पूरे प्रदेश वह देश में दुर्गा पूजा की धूम है।घर घर मंदिर मंदिर दुर्गा पूजा हो रही है वहीं जनपद हरदोई में जहां एक तरफ जिले के जिला अधिकारी पुलकित खरे शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में हजारों बेटियों के बीच बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के स्लोगन से आम जनमानस को जागरुक करने का कार्य कर रहे हैं।वहीं महज चार दिन पूर्व कटियारी क्षेत्र एक शर्मनाक घटना ने रूढ़िवादी विचारधारा के लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है ।जब कोख में ही मारी जाएगी बेटियां कूड़े में फेंकी जाएगी बेटियां आखिर कैसे होगा बेटियों का उद्धार कैसे होगा इस समाज में बेटियों का सम्मान कटियारी क्षेत्र के मिघौली रोड पर सेंट रामेश्वरम पब्लिक स्कूल के पास एक मक्के के खेत में नवजात कन्या मक्के के खेत में जीवित पाई गई आसपास के लोग अपने खेतों पर काम करने के लिए उधर से गुजर रहे थे तभी उस नवजात कन्या पर उन लोगों की नजर पड़ गई उन्होंने तभी पुलिस को सूचना दी पुलिस ने नवजात बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां से उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया सूचना पाकर पहुंची डायल हंड्रेड पुलिस ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया। जहां से उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।तीसरे दिन भी वहाँ उसकी हालत अभी भी खतरे में है। जिला अस्पताल में भर्ती कन्या को सांस में दिक्कत है।तथा वह नली से दूध भी नहीं पी पा रही है। हरपालपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आनंद पांडेय ने बताया कि बच्ची का वजन 1 किलो 200 ग्राम है।जो काफी कम होने के कारण उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।हरपालपुर कस्बा निवासी किन्नर काजल ने उसको गोद लेने के लिए काफी प्रयास किया।परंतु उसे सफलता न मिलने से वह काफी निराश नजर आ रही है।वही नवजात लावारिस बच्ची का चाइल्ड लाइन संस्था लखनऊ की देखरेख में हरदोई जिला अस्पताल में भगवान भरोसे इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल के महिला वार्ड के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कन्या की हालत गुरूवार को भी खतरे में बताई तो एक वही एक तरफ जिला अधिकारी हजारों बेटियों के बीच बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के साथ विश्व रिकार्ड बनाने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं तो वहीं बैठी हो कि साथ हो रहे अन्याय व समाज के ठेकेदारों द्वारा इस ओर ध्यान देना शायद बेटी समाज का अपमान है वहीं जिला अधिकारी को संज्ञान लेकर लावारिस नवजात असली बारिश हो के गले बाद में हाथ डालकर उन पर भी कार्यवाही करनी चाहिए जिस से आने वाले भविष्य में इस तरह का अपराध करने कोई हिम्मत न कर सके।
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