टेली मेडिसिन के माध्यम से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सुविधा ! सिद्धार्थ नाथ सिंह

लखनऊ ! प्रदेशवासियों को बेहतर इलाज की सुविधा देने के लिए टेली मेडिसिन व टेली रेडियोलोजी की सुविधाओं का प्रारम्भ जनवरी 2019 में किया जाएगा। टेली मेडिसिन के लिए प्रदेश को 2 क्लस्टर में बांटकर प्रारम्भ किया जायेगा। जिसके अंतर्गत प्रदेश के 28 जनपद कवर होंगे। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह आज एक बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रदेश के अंदर 917 रेडियोलाजिस्ट के पद सरकारी अस्पताल में हैं। लेकिन सरकारी अस्पतालों में वर्तमान में 107 ही रेडियोलाजिस्ट हैं। ऐसे में रेडियोलाजिस्ट की कमी को टेली रेडियोलोजी के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

टेली मेडिसिन व टेली रेडियोलोजी की सुविधा जनवरी माह से होगी प्रारम्भ

जनवरी माह के तीसरे सप्ताह के अंदर ब्लड बैंक एवं उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेन्थनिंग प्रॉजेक्ट ,यूपीएचएसएसपी , के माध्यम से जो 51 जिला अस्पतालों को अपग्रेड ,उच्चीकरण , सौन्दर्यीकरण , किया जा रहा है उसमें से 10 जिला अस्पतालों का लोकार्पण किया जाएगा।जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा लोकार्पण किया जाएगा। सिंह ने कहा कि मातृ एवं शिशु अस्पताल , गोरखपुर का दिसम्बर महीने के आखिरी सप्ताह अथवा जनवरी महीने के पहले सप्ताह में शुभारम्भ किया जाएगा। साथ ही इस मौके पर एक कॉफी टेबल बुक भी लांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बुक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले वर्ष से लगातार जेई \ एईएस के रोकथाम एवं नियंत्रण केलिए किये गए कार्यों का उल्लेख किया जाएगा।

सिंह ने कहा कि टेली मेडिसिन के तहत लोगों को टेली कंसल्टेंसी और वीडियो कंसल्टेंसी के तौर पर दो तरह से सुविधायें मिलेंगी जबकि टेली रेडियोलोजी में रेडियोलाजिस्ट की निगरानी में एक्सरे ,सी.टी स्कैन , एमआरआई की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि टेली मेडिसिन के अंतर्गत प्रदेश के कवर होने वाले 28 जिले हैं।

बैठक में यह रहे उपस्थि

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी , सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वीहेकाली झिमोमी, निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पूजा पाण्डेय , विशेष सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उमेश मिश्रा तथा महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पद्माकर सिंह उपस्थित थे।

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