जागरूकता के अभाव में नमक और शक्कर से युवाओं में गुर्दे की बीमारी बढ़ रही : डॉक्टर रविचंद्रन

डॉक्टर आरबी चौधरी
चेन्नई (तमिलनाडु)। आंकड़े बताते हैं कि भारत एक ही समय में पोषण और कुपोषण के दोहरे मार को झेल रहा है। अधिक वजन और मोटापा बे रोक-टोक बढ़ रहा है खासकर हमारी भावी पीढ़ी तेजी से मोटापे शिकार हो रही है। दुनिया के सात अरब लोगों में से दो अरब लोग मोटापे का शिकार हो चुके हैं। आज अधिक वजन और मोटापा हर एक व्यक्ति को “जीवन शैली” से संबंधित तमाम जटिल शारीरिक विकार जैसे मधुमेह, हृदय रोगों, कैंसर आदि से कहीं न कहीं जुड़ा पाया जाता है। ऐसी जटिल समस्याओं को लेकर देश के कई भागों में मेडिकल साइंस से जुड़े वैज्ञानिक एवं डॉक्टर अपना योगदान देने में लगे हुए हैं लेकिन कुछ लोग कईयों से हटकर जन सेवा में जुड़े हैं. इसी दिशा में चेन्नई के एक अत्यंत लोकप्रिय नेफ्रोलॉजिस्ट(मूत्ररोगविशेषग्य) डॉ. राजन रविचंद्रन ने चेन्नई में कॉलेज विद्यार्थियों पर किए गए एक अध्ययन में यह पाया की आज की आपा-धापी के जिंदगी में सबसे तेज- तर्रार दिमाग रखने वाले युवा पीढ़ी में भी ब्लड प्रेशर, शुगर, हृदय की बीमारियों के बारे में जानकारी बहुत कम है. जिसका असर आज की युवा पीढ़ी पर तेजी से बढ़ रहा है. अध्ययन में पाया गया की 50 प्रतिशत कॉलेज के विद्यार्थियों का शारीरिक वजन ठीक नहीं है.

डॉक्टर रविचंद्रन के अध्ययन के अनुसार 5 विद्यार्थियों में से सिर्फ 2 विद्यार्थियों वजन ठीक पाया गया. डॉ राजन की सामाजिक सेवा में गहरी अभिरुचि है. अपने व्यस्त दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर एक “सेपियंस हेल्थ फाउंडेशन” नाम की संस्था के माध्यम से जन स्वास्थ्य चेतना का कार्य करते हैं. नए साल की एक सौगात के रूप में उन्होंने इस अध्ययन का आज खुलासा किया और बताया कि यह सर्वे 18 से 22 वर्ष के 2000 कॉलेज के विद्यार्थियों( जिसमें 760 लड़कियां थी) पर किया गया था. देखा गया कि 45% विद्यार्थियों की वजन( बॉडी मास इंडेक्स- बीएमआई) बिल्कुल ठीक पाई गई जबकि अध्ययन में 28% लड़के मोटापे से ग्रस्त एवं 28.2% कुपोषित पाए. इसी प्रकार 40% लड़कियां कुपोषण से ग्रसित एवं 14% मोटापे की शिकार पाई गई.

डॉक्टर रविचंद्रन के अनुसार इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य था की असंतुलित नमक और चीनी के प्रयोग से लोगों में हाइपरटेंशन की समस्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर युवाओं में. आज की भाग- दौड़ की जिंदगी में लोक सेहत के प्रति ध्यान रखते हैं . दुनिया बताया कि 10% विद्यार्थी ब्लड प्रेशर की समस्या से अनभिज्ञ है. उन्हें यह भी नहीं पता है किब्लड प्रेशर के लिए शक्कर और नमक दोनों ही ब्लड प्रेशर के लिए जिम्मेदार कारक है. उन्होंने जोर देकर यह कहा कि हमारे देश में लोग शक्कर के बारे में तो चर्चा करते हैं किंतु स्वास्थ्य के लिए नमक की भूमिका भूल जाते हैं.विश्व स्वास्थ्य संगठन के रिपोर्ट में अक्सर मूत्र विकार से संबंधी या गुर्दे की बीमारियां विकासशील देशों बढ़ रही है और लोगों को नमक और चीनी की उचित मात्रा प्रयोग की सलाह दी जाती है किंतु या तो लोग जानते हुए नजरअंदाज कर देते हैं और या तो नुकसान के बारे में जानते ही नहीं. डॉक्टर रविचंद्रन के अनुसार इस अध्ययन से यह ज्ञात होता है कि युवाओं में नमक और चीनी के संतुलित उपयोग कीजानकारी का अभाव है.वह लाइफ स्टाइल के बारे में गत एक दशक के जागरण का कार्य कर रहे हैं. नए साल के अवसर पर 7 जनवरी 2019 को “बेटर लाइफ़ स्टाइल”यानी “बेहतर दिनचर्या” जिसमें धूम्रपान, मदिरापान,संतुलित भोजन,व्यायाम आदि विषयों पर जन जागृति का अभियान चलाने की घोषणा की है.चेन्नई के कई फिल्मी हस्तियों ने डॉक्टर रविचंद्रन के इस अभियान में हिस्सा लेने की सहमति जताई है.

डॉ. राजन रविचंद्रन,
एमडी, एमएनएएमएस, एफआरसीपी (एडिन), एफएसीपी (यूएसए)
अध्यक्ष-सेपियंस हेल्थ फाउंडेशन, चेन्नई , तमिलनाडु

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