गलती सरकारी अधिकारियों की, परेशान उपभोक्ता

मुजफ्फरनगर। सरकारी राशन की दुकानों में विभागीय अधिकारियों की आई.डी.से पूरे प्रदेश के 43 जिलों में आधार कार्ड में नम्बर बदलकर गरीबों का करोड़ों रुपए का राशन अधिकारियों की मिली भगत से राशन डीलर पिछले साल डकार चुके हैं। जनपद मुजफ्फरनगर मे भी इसी प्रकार राशन की कालाबाजारी की गई थी।शहर की 106दुकानों में से 99 दुकानों के खिलाफ एफ.आई.आर.लिखाकर उन्हें सस्पेंड भी किए हुए लगभग चार महीने हो चुके हैं। अब जिला पूर्ति अधिकारी ने फिर उपभोक्ताओं के आधार कार्ड के सत्यापन हेतु आधार कार्ड जमा करने हेतु राशन डीलरों को आदेश जारी कर दिया है।

जबकि मशीन में आधार कार्ड नम्बर पहले से ही फीड हैं। लेकिन राशन डीलर उपभोक्ताओं से दोबारा आधार कार्ड की मांग कर रहे हैं।शहरी क्षेत्र में राशन दुकानों के सस्पेंड होने के कारण जिले के बहुत दूर के ग्रामीण दुकान दारो को शहर की भी दुकान दे दी गयीं हैं। उपभोक्ताओं को ये भी नहीं पता कि उनका राशन दुकानदार कौन है व वह कहाँ राशन वितरण कर रहा है।गरीब उपभोक्ता राशन के लिए मारा मारा घूम रहा है। राशन वितरण प्रणाली शहरी क्षेत्र में छिन्न भिन्न हो गई है। अधिकारियों से शिकायत पर कोई सुनने वाला नहीं है।इस बारे में पक्ष जानने के लिए जब जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार पुष्कर को फोन किया तो उन्होंने बात करने केबजाय फोन काट दिया।ऐसी हालत में गरीब व लाचार उपभोक्ता कहाँ जाये। सस्पेंड की हुई दुकानों के स्थान पर नयी दुकान खोलने की प्रक्रिया भी अभी शुरू नहीं हो पायी है। इससे साफ जाहिर होता है कि विभाग व राशन डीलरों के बीच पूरी मिलीभगत करके गरीब उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है।

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