जनहित किसान पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर सदस्यता अभियान का किया उद्घाटन

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित दारुल सफा के बी-ब्लॉक कॉमन हॉल में जनहित किसान पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर सदस्यता अभियान मंगलवार से शुरू किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौरसिया श्यामसुंदर दास ने किया। पार्टी के करयकर्ताओं ने उन्हें बड़ी से फूलों की माला पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। इस सदस्यता समारोह में कई जगहों से पार्टी के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। पार्टी के कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया।

 
जनहित किसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौरसिया श्यामसुंदर दास ने पार्टी की कार्य योजना पर विचार किया। पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने की सहमति होने पर एक से 1 से 8 बिंदु की घोषणा जनहित में जारी की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने घोषणा पत्र पढ़कर सुनाया और उन्होंने कहा कि हम इन सभी मुद्दों को जब तक लागू नहीं करवा लेते हैं तब तक पार्टी देश के सभी हथियारों के साथ सड़क से लेकर संसद तक आवाज बुलंद करेगी।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किसानों के हालात पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में किसान देश के भगवान हैं, अन्नदाता है, लेकिन कुछ गंदे राजनीतिक लोगों द्वारा आजादी से अब तक सताए जा रहे हैं। आज भारत का किसान बेहाल फटेहाल व कंगाल है। कोई पूछने वाला नहीं है। आजादी से अब तक हमारे देश के नेताओं ने अपने-अपने स्वार्थ में देश व समाज को तोड़ने व बेचने का कार्य किया है।सपा में पढ़े लिखे बेरोजगार नौजवानों को चुनावी समय में बेरोजगारी भत्ता देकर वोट लिया और वोट देकर भत्ता बंद कर दिया। ठीक उसी प्रकार भाजपा ने देश के किसानों को बीते लोकसभा चुनाव के समय प्रतिमाह 500 रुपये देकर या प्रमाणित कर दिया कि किसान लाचार एवं बेबस है। यह भी वोट लेकर इस योजना को बंद ही करेंगे। क्योंकि इस प्रकार की योजना न चली है ना चल पायेगी। यह संविधान के खिलाफ है यह सिर्फ किसानों को पूर्व की भांति धोखा देने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा भारत के जवान सीमा पर अपने प्राणों की आहुति दे रहे हैं। जब वे जवाबी कार्यवाही करते हैं तो देश के प्रधानमंत्री श्रेय लेने के लिए कहते हैं हमने हमने जवानों को पावर दिया है। तब जवानों ने बदला लिया। हम पूछना चाहते हैं कि आप ने जवानों को शहीद होने के बाद पावर क्यों दिया देश की सेना को पूर्व से ही स्वतंत्र पावर दिया गया होता तो हमारे जवान शहीद नहीं होते। यह विषय बहुत ही चिंतनीय है। आप चुनाव को देखते हो तो पावर देते हो जब चुनाव नहीं होता है तो सेना की कमान अपने हाथ में रखते हो। यह सरासर गलत है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा देश में आज कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। बलात्कार, हत्या, डकैती एवं लूट आखिर कब तक देश में लाश पर राजनीति होगी। प्रदेश में दिन-प्रतिदिन अलीगढ़ और बाराबंकी जैसी घटनाएं हो रही हैं और प्रदेश सरकार कान में तेल डाल कर सो रही है। बिहार में बच्चों की चमकी बुखार से हो रही मौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है एवं चिकित्सा व्यवस्था को और तत्पर बनाने पर जोर दिया गया। बिहार पुलिस कांस्टेबल स्नेहा चौरसिया के कांड पर बिहार सरकार से स्नेहा चौरसिया कांड की सीबीआई जांच कराने की पार्टी ने मांग की है। पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की पिटाई एवं हड़ताल के मुद्दे पर भी पार्टी ने चिंता व्यक्त की गई।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि जनहित एवं 7 राज्यों में संगठन के पक्ष में समाज में दबे कुचले, पिछड़े, अति पिछड़े, दलित, शोषित, पीड़ित सभी साथियों को राजनीति भागीदारी देगी और टिकट देकर चुनाव लड़ाने का कार्य देश की सत्ता वादी रहेंगी। पार्टियां अंग्रेजों की दोगली संतानों की चंगुल में फंस चुकी है। इन पार्टियों को देश का विकास होना संभव नहीं है। इस कार्यकारिणी की बैठक में मुख्य रूप से दीपक चौरसिया, रमापति चौरसिया, बृजेश चौरसिया, दीपक कुमार चौरसिया, महेश चौरसिया, गरिमा चौरसिया, रामेश्वर चौरसिया, बबीता चौरसिया, सुभाष चंद्र चौरसिया, रमापति चौरसिया, मीना चौरसिया, राकेश, मुन्नालाल, सुमित, संत कुमार, दुर्गा प्रसाद, लालचंद, बुद्धिसागर आदि लोग उपस्थित रहे।
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