उत्तर प्रदेशलखनऊ

मुठभेड़ में एक लाख का कुख्यात इनामी बदमाश ढेर

बदमाश के साथी भागने में रहे कामयाब,दो सिपाही घायल

लखनऊ। यूपी एसटीएफ व गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के दौरान एक लाख के इनामी बदमाश को मार गिराया। घायलावस्था में टीम बदमाश को लेकर अस्पताल ले गई,जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हालांकि मुडभेड़ के दौरान मौके से उसके साथी भागने में कामयाब रहे। वहीं दो सिपाही भी घायल हुए,जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बदमाश के कब्जे से एक बन्दूक 12 बोर , रिवाल्वर 32 बोर ,एक देसी तंमचा, भारी मात्रा में कारतूस व एक कार बरामद हुआ है।

एसटीएफ के एसएसपी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र साहिबाबाद, गाजियाबाद में कार सवार कुछ संदिग्ध लोग किसी वारदात को अंजाम देने वाले हैं। इस सूचना पर एसटीएफ नोएडा की टीम प्रभारी निरीक्षक थाना सहिबाबाद को सूचित किया और संदिग्धों की चेकिंग की गई। इसी दौरान देर रात लगभग 12.25 बजे दिल्ली की तरफ से एक सेण्ट्रो कार आती दिखाई दी, जिसे रोकने का प्रयास किया गया तो कार को तेजी से भगाते हुए पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस पार्टी ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी , परन्तु बदमाश पुलिस पार्टी पर ताबड़तोड़ फायरिंग करते रहे, जिसपर पुलिस पार्टी द्वारा साहस, संयम एवं व्यवसायिक दक्षता का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ संतुलित एवं नियंत्रित फायरिंग की गई जिसमें एक बदमाश को गोली लगी और बाकी बदमाश फायरिंग करते हुए भाग गये। घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्तपताल ले जाया गया, जहां पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मृतक बदमाश की शिनाख्त मेहरबान पुत्र कल्लू निवासी मनिहारों वाला कुंआ, रूकनसराय थाना कोतवाली नगर जनपद बुलन्दशहर के रूप में हुई। इस मुठभेड एसटीएफ नोएडा टीम के मुख्य आरक्षी अनिल कुमार व आरक्षी हरिओम सिंह घायल हुए जिन्हें भी उपचार अस्पताल भेजा गया। एसटीएफ टीम ने बताया कि मृतक अपराधी मेहरबान ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर 20 फरवरी 2001 को बुलन्दशहर के चावल व्यापारी यासीन कुरैशी की घर में घुसकर गोली मारने के बाद गला काटकर हत्या कर दी गई थी। इस सम्बन्ध में थाना कोतवाली नगर, बुलन्दशहर पर केस दर्ज हुआ था। जिसमें न्यायालय द्वारा अपराधी मेहरबान को आजीवन कारवास की सजा सुनाई गई थी। बाद में जमानत पर यह अपराधी जेल से बाहर आया था । वहीं 4 अप्रैल 2019 को उच्च न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा और आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। मृतक अपराधी मेहरबान ने आत्मसमर्पण नहीं किया था। इसके अलावा मेहरबान ने साथियों संग अब्दुल हकीम पुत्र अब्दुल रहीम निवासी थाना कोतवाली नगर, बुलन्दशहर की हत्या के इरादे से अपहरण व 12 मार्च 2012 को साथियों के साथ मिलकर थाना खुर्जानगर क्षेत्र म ें बैंक से पैसा निकालकर जा रहे रामपाल सिंह की गोली मारकर हत्या 15 लाख रूपये लूटे थे।

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