पहाड़ों पर बिगड़ा मौसम का मिजाज, इन राज्यों में भारी बारिश से आ सकती है आफत

मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ता जा रहा है. अक्टूबर का महीना आते ही दिन में गर्मी और रात में हल्की सर्दी का अहसास होने लगा है. यही नहीं देश के कई इलाकों में मानसून अभी भी सक्रिय है. हालांकि कुछ ही दिनों में मानसून वापस चला जाएगा. लेकिन इससे पहले ही पड़ाड़ों पर भारी बर्फबारी हुई है.

जिससे मैदानी इलाकों में भी सर्दी पड़ना निश्चित हो गया है. इसी बीच मौसम विभाग ने देश के छह राज्यों में भारी बारिश की आशंका जताई है. बता दें कि हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी हुई है. यहां रोहतांग दर्रा में सर्दी का पहला हिमपात होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. सोमवार को कुल्लू घाटी में मौसम खराब होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

वहीं रोहतांग समेत कुल्लू-मनाली और लाहौल-स्पीति की चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढंक गई हैं. रोहतांग दर्रा में इस मौसम में सबसे अधिक 30 सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड की गई. दर्रा में सोमवार सुबह से निगम की बसों समेत तेल के टैंकर, राशन से भरे ट्रक और छोटे वाहन फंस गए हैं. ये वाहन लाहौल और लेह की तरफ जा रहे थे. दर्रा में मढ़ी से लेकर करीब 40 वाहन फंसे हुए हैं.

मौसम विभाग की मानें तो आने वाले एक हफ्ते देश के 6 राज्यों में बारिश से एक बार फिर से लोगों की मुश्किल बढ़ सकती हैं. इनमें मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गुजरात प्रमुख रूप से शामिल हैं. इसके अलावा पूर्वोत्तर इलाकों में असम, मेघालय पश्चिम बंगाल में बारिश का भारी असर दिखाई देगा.

दक्षिण इलाकों की बात करें तो तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक के तटीय इलाकों में मध्यम से अच्छी बारिश हो सकती है. पुडुचेरी और कराइकाल के विभिन्न स्थानों में गरज के साथ बूंदाबादीं होने की संभावना है. कोंकण, गोवा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तरी कनार्टक तथा दक्षिणी कनार्टक में दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून की गति तेज है. लेकिन अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूवीर् मध्यप्रदेश, विधर्भ और तटीय आंध्र प्रदेश में इसकी रफ्तार कम होने की संभावना है.

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