उत्तर प्रदेशलखनऊ

उन्नाव पीड़िता का नाम लेकर फंसे लखनऊ के आईजी,डीजीपी ने मांगा स्पष्टीकरण

लखनऊ।  उन्नाव रेप पीड़िता को जिंदा जलाने के मामले की जांच करने पहुंचे आईजी जोन लखनऊ एसके भगत  सुप्रीम कोर्ट की  गाइडलाइन ही भूल गए।  मीडिया से बातचीत के दौरान आईजी जोन एसके भगत ने पीड़िता का नाम लेकर उसकी पहचान उजागर कर दी। उधर पीड़िता का नाम लेने पर डीजीपी ओपी सिंह ने सख्ती दिखाई है।  उन्होंने आईजी को एडवाइजरी जारी कर उन्नाव गैंगरेप पीड़िता का नाम लेने पर स्पष्टीकरण मांग लिया है।  बता दें आईजी एसके भगत ने पीड़िता के परिवार वालों का भी नाम ले लिया। जबकि सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश है कि ऐसे मामले में पीड़िता व उसके परिवार की पहचान उजागर नहीं करनी है। दरअसल, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आईजी लखनऊ जोन को मामले की जांच कर शाम तक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।  इसी मामले में वह उन्नाव में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। तभी उन्होंने रेप पीड़िता व उसके परिवार का नाम ले लिया।  मामले में डीजीपी ओपी सिंह ने पहचान उजागर करने पर आईजी एसके भगत के लिए एडवाइजरी जारी की है।

एफआईआर में भी पुलिस का खेल
रेप पीड़ित युवती को जिंदा जलाने के मामले में पुलिस की एफआईआर में भी खेल देखने को मिल रहा है। पीड़िता के लिखित बयान के बाद भी पुलिस ने सिर्फ 2 के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की है, जबकि पीड़िता ने पांचों आरोपियों के नाम अपने लिखित बयान में लिए हैं। वहीं 3 अन्य आरोपियों को पुलिस ने अभियुक्त नहीं बनाया है, सिर्फ शिवम और शुभम को ही पुलिस ने अभियुक्त बनाया है। दोनों आरोपियों पर 307, 326, 506 धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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