लखनऊ

बढ़ी बिजली दरों के खिलाफ सदन से सड़क तक लडाई लड़ेगा उपभोक्ता परिषद

लखनऊ । उ.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा गुरूवार को बिजली दरों में की गई वृद्धि की घोषणा की खिलाफत करते हुए उ.प्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आर-पार की लड़ाई लड़ने का एलान कर दिया है  परिषद ने ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि को पूर्णताः गलत करार दिया है परिरषद ने इसके खिलाफ शुक्रवार यानि 1 दिसम्बर को आयोग में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि गुजरात दौरे पर गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गैर मौजूदगी में बिजली दरें बढ़ाने के लिए अधिकारियों के दबाव को संवैधानिक संकट करार दिया है उन्होंने कहा कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा इतिहास में पहली बार आयोग जैसी अर्धन्यायिक स्वतंत्र संस्था का अपमान किया गया है उन्होंने कहा कि आयोग के अध्यक्ष एसके अग्रवाल को इस बात का ज्ञान होना चाहिये कि विद्युत अधिनियम 2003 के प्राविधानों के तहत आयेग को अधिकतम 120 दिन में टैरिफ जारी करना होता है ऐसे में उनका पत्र यह दर्शाता है कि नियामक आयोग पावर कारपोरेशन के अधीन काम कर रहा है परिषद अध्यक्ष ने कहा उपभोक्ता परिषद विद्यान सभा में इस मुददे की लडाई को और मजबूत करने के लिये विपक्षी राजनैतिक पार्टियों से भी सहयोग मांगेगा वर्मा ने कहा कि नियामक आयोग द्वारा इस बार ग्रामीण उपभोक्ताओं की दरों में कई गुना बढ़ोतरी की साजिश की जा रही है, जो नागरिकों के साथ विश्वासघात की श्रेणी में आता है परिषद अध्यक्ष ने कहा कि आर्थिक संकट का हवाला देकर पावर कारपोरेशन मुख्यमंत्री को भी गुमराह कर रहा है  परिषद ने इस मामले में मुख्यमंत्री से भी दखल देने और आचार संहित के दौरान बिजली दर बढ़ाने का दबाव बनाने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की है उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा उपभोक्ता परिषद जहॉं विद्युत अधिनियम 2003 के प्राविधानों के तहत विधिक प्रक्रिया के तहत पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा, वहीं दूसरी ओर कल प्रदेश के किसान यूनियन, ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं से विचार विमर्श कर सडक पर भी अपना विरोध प्रदर्शन करेगा  आयोग के इस असंवैधानिक प्रक्रिया का हर स्तर पर विरोध हेगा।
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