रोहतास।   सरैया गांव निवासी बलिदानी सैनिक धर्मेंद्र कुमार सिंह का पार्थिव शरीर वाराणसी से सड़क मार्ग से बुधवार देर रात गांव पहुंचा। रात के वक्त गांव पहुंचे एसपी आशीष भारती व सीआरपीएफ के वरीय अधिकारियों ने जवान को श्रध्दा सुमन अर्पित कर नमन किया।

ओडिशा के नुआपाड़ा के जंगल में वीर गति को प्राप्त सीआरपीएफ के जवान और गांव के लाल धर्मेंद्र कुमार के पार्थिव शरीर लाए जाने की प्रतीक्षा दिन से ही ग्रामीणों कर रहे थे। सबके चेहरे पर मायूसी व गम का भाव दिख रहा था, मानो भगवान ने पूरे गांव की खुशियां ही छीन ली हो। शव के गांव पहुंचते ही हजारों की संख्या में उपस्थित युवाओं ने भारत माता के जयकारे के साथ तिरंगा लहराकर शहीद को श्रद्धांजलि दी।

सैनिक के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही आम से खास तक की भीड़ गांव में इकट्ठा हो गई। मौजूद सबके जुबान पर धर्मेंद्र की वीरता की चर्चा के साथ- साथ गम व गर्व देखा गया। पत्नी आशा देवी, माता तारामुनी देवी, पुत्र रौशन, पुत्री खुशबू, भाई रविंद्र व भावज के साथ अन्य स्वजनों के चीत्कार से वहां उपस्थित हर किसी की आंखे नम हो गई।