विपक्ष की सरकार को BJP बर्दाश्त नहीं कर पा रही

रायपुर। महाराष्ट्र में उठे सियासी बवंडर व महाविकास अघाड़ी सरकार के संकट पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बर्दाश्त नहीं कर पा रही है कि विपक्ष की सरकार चले। वे उन्हें तोड़फोड़ करने में लगे हुए हैं। खरीद-फरोख्त में लगे हैं। विधायक पहले गुजरात गए और फिर असम गए। इसका मतलब क्या है? पर्दे के पीछे कौन लोग हैं… यही लोग हैं। पहले कर्नाटक में किए, गोवा में किए, राजस्थान में किए, मध्य प्रदेश में किए अब महाराष्ट्र में कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी लगातार लगे हुए हैं। कभी ईडी, कभी आईटी तो कभी फोन टेपिंग करा रहे हैं। और वह भी इनलीगल रूप से करा रहे हैं।

भूपेश ने पूछा-पेगासस के जरिए किसने कराई जासूसी
फोन टेपिंग पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के सवाल पर सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि विष्णुदेव साय बहुत सज्जन आदमी है। उनसे तो यह सवाल बना नहीं। फिर भी पूछ लिए हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं। पेगासस के जरिए किसने जासूसी कराई। फोन टेपिंग क्या उनके नेताओं की नहीं हुई। विपक्षी, नौकरशाहों और उनके नेताओं के फोन टेपिंग हुए। इस मामले में विष्णुदेव साय और डॉ. रमन सिंह क्या बोलेंगे… चुप रहेंगे। उस मामले में जजों के फोन टेप हुए। भाजपा की फितरत ही फोन टेपिंग की है। अभी जितने छापे पड़े हैं। उन्हीं से पूछ लो..। सेंट्रल एजेंसी वाले फोन टेपिंग कर रहे हैं कि नहीं…। उनकी सरकार है, उनकी एजेंसी है, उनसे पूछों। हमसे क्या पूछना…। उनसे पूछें…।

अधिकारियों और नेताओं के फोन टेपिंग हुए
सीएम भूपेश ने कहा कि जिनके-जिनके यहां छापे पड़े। उन्हें बताया गया कि आपने ऐसा बात किया। जब फोन टेपिंग नहीं तो जानकारी कहां से आई। क्या लीगल-वे से फोन टेपिंग की गई। भूपेश ने कहा कि भाजपा का पुराना रिकॉर्ड ही यही है। इस आधार पर मैं बोल रहा हूं कि फोन टेपिंग कर रहे हैं। पेगासस के बारे में विष्णुदेव साय और डॉ. रमन सिंह बता दें। उनके कार्यकाल में पत्रकारों व अधिकारियों के फोन टेप होते थे। आईजी मुकेश गुप्ता क्या करते थे। ईओडब्ल्यू व इंटेलीजेंस में थे। दोनों का उपयोग वही करते थे। क्या अधिकारी, क्या राजनेता, क्या मंत्री, क्या विधायक सब लोग डरे रहते थे। कोई बात मत करो…। सब सुनते रहते थे। वो काम करवाए हैं। इनकी फितरत ही यही है।

See also  मुआवजा नहीं मिलने से आक्रोशित किसान सड़क पर बैठे