Thursday, September 23, 2021 at 5:29 AM

इटावा: फर्जी आईआरएस अधिकारी अरेस्‍ट, तीन साल से दे रहा था चकमा

इटावा. यूपी की इटावा पुलिस ने एक फर्जी इंडियन रेवेन्‍यू सर्विसेज (आईआरएस) अधिकारी को गिरफ्तार किया है। वह पिछले तीन सालों से लोगों को चकमा देकर ठगी कर रहा था। उसके साथ उसके चार सहयोगियों को भी अरेस्‍ट किया गया है। एसएसपी इटावा आकाश तोमर ने बताया कि 12 जून को थाना सिविल लाइन पुलिस टीम द्वारा लाकडाउन के नियमों के अनुपालन के लिए डीएम चौराहे पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर द्वारा सूचना दी गयी कि एक नीली बत्ती लगी इनोवा कार लौहन्ना चौराहे की ओर से इटावा शहर की ओर आ रही है जिसमें लगभग 05 लोग सवार है। उनके द्वारा विगत कुछ समय से आम जनता को नौकरी आदि का झांसा देकर पैसे ठगने का काम किया जा रहा है। पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना के आधार पर एसओजी इटावा व थाना सिविल लाइन की संयुक्त टीम द्वारा पुलिस लाइन तिराहे पर सघन चेकिंग की जाने लगी। इसी दौरान लौहन्ना चैराहे की ओर से एक नीली बत्ती लगी कार आती हुई दिखाई दी, जिसे पुलिस टीम द्वारा टार्च की रोशनी दिखाकर रोकने का प्रयास किया गया। जिसपर कार सवार द्वारा गाडी रोककर उतकर भागने का प्रयास किया गया, जिन्हे पुलिस टीम द्वारा आवश्यक बल प्रयोग और घेराबन्दी करके पकड लिया गया। पुलिस टीम द्वारा गाडी से उतकर भागते हुए कुल 5 लोगों को पकडा गया और गाडी व पकडे गये लोगों से उपायुक्त विजिजेंस अधिकारी का फर्जी आईडी कार्ड, भारी मात्रा में फैक्ट्री मेड रायफल, विभिन्न न्यूज चैनल की माइक आईडी, फर्जी मोहरे आदि सामान बरामद किए गए ।

पुलिस पूछताछ में अभियुक्त मनीष कुमार द्वारा बताया गया कि में विगत 2-3 वर्ष से लगातार आईआरएस एवं आईपीएस अधिकारी बनकर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, इटावा व प्रदेश के विभिन्न जनपदों में विजिलेंस अधिकारी बनाकर लोगों से ठगी का काम करते थे। अभियुक्त द्वारा बताया गया कि स्वयं ही किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आईजीआरएस शिकायत डालकर स्वयं ही सरकार की ओर से जांच टीम बनकर व्यक्ति को ब्लैकमेल करके रूपये ठगने का काम करते थे। अभियुक्त द्वारा यह भी बताया गया कि वह अपने मित्रों को भी साथ रखते थे जिससे किसी भी व्यक्ति को ब्लैकमेल करके ठगी की जा सके तथा अपना काम कराने के लिये किसी भी अधिकारी पर दबाव बनाया जा सके। पुलिस पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आये कि अभियुक्त मनीष बर्खास्त बैंक पीओ कर्मचारी है जिसे बैंक द्वारा बैंक लोन धोखाधडी में बर्खास्त कर दिया गया था। उसके बाद से ही अभियुक्त द्वारा फर्जी आईआरएस अधिकारी बनकर ठगी करता था। अभियुक्त द्वारा स्वयं को आईआरएस अधिकारी के तौर पर दिखाने के लिये फर्जी आईडी कार्ड व फर्जी बेवसाइट भी बनायी गयी थी।

एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि इन सबके खिला। मु0अ0सं0 239/20 धारा 171,420,467,468,471,120बी भादवि थाना सिविल लाइन बनाम मुनीष व अन्य 04, मु0अ0सं0 240/20 धारा 25,27,30 आम्र्स एक्ट थाना सिविल लाइन बनाम योगश कुमार,मु0अ0सं0 240/20 धारा 25,27,30 आम्र्स एक्ट थाना सिविल लाइन बनाम योगश कुमार, मु0अ0सं0 241/20 धारा 3/25 आम्र्स एक्ट थाना सिविल लाइन बनाम बलवन्त कुमार खरवार, मु0अ0सं0 242/20 धारा 3/25 आम्र्स एक्ट थाना सिविल लाइन बनाम रामकुमार, मु0अ0सं0 243/20 धारा 3/25 आम्र्स एक्ट थाना सिविल लाइन बनाम सौरभ चौहान और मु0अ0सं0 244/20 धारा 420,386 भादवि थाना सिविल लाइन में केस दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार होने वाले अभियुक्‍तों में मनीष कुमार पुत्र रामप्रकाश निवासी- जिगसौरा थाना जसवन्तनगर जनपद इटावा (फर्जी विजिलेंस अधिकारी), योगेश कुमार पुत्र सतीश कुमार निवासी कस्बा धनौरा थाना मण्डी धनौरा जनपद अमरोहा, बलवन्त कुमार खरवार पुत्र मदन खरवार नि0 तरैथा थाना भभुआ रामगढ बिहार, रामकुमार पुत्र छोटेलाल नि0 बीलमपुर थाना इकदिल इटावा (पत्रकार) और सौरभ चौहान पुत्र देवेन्द्र चैहान नि0 विकास कालोनी पक्का बाग थाना इकदिल इटावा (पत्रकार) शमिल रहे।

इनके पास से पुलिस ने 1 फर्जी परिचय पत्र डिप्‍टी कमिश्‍नर दिल्‍ली, फर्जी लेटर पेड, एक फैक्ट्री मेड रायफल व छ: जिन्दा कारतूस 315 बोर, एक फैक्ट्री मेड पिस्टल, 13 जिन्दा कारतूस व 01 मैगजीन 32 बोर (फर्जी आल इण्डिया परमिशन), 2 अवैध देशी तमंचा व 04 जिन्दा कारतूस 315 बोर, 02 चैक सिण्डीकेट बैक (चैक कीमत 9,50,00,000रू0 व 96,90,715रू0), 02 शस्त्र लाइसेंस, 01 नीली बत्ती लगी इनोवा कार यूपी 16 बीसी 4546, 01 यूपीएससी की फर्जी मेरिट लिस्ट व ई-प्रवेश पत्र, 03 फर्जी लेटर पेड, 7 फर्जी विजिटिंग कार्ड, 8 मोबाइल फोन विभिन्न कम्पनी, 5 विभिन्न टीवी न्यूज चैनल की माइक आईडी, 9 मोहरें बरामद हुई हैं।

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