Monday, December 6, 2021 at 5:15 AM

इंटरनेट बैंकिंग के जरिए धोखाधड़ी करने वाले रैकेट का भंडाफोड़

स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट ने एक एनआरआई के हाई वैल्यू वाले बैंक खाते से अवैध तरीके से इंटरनेट बैंकिंग के जरिये हैकिंग कर नकदी निकालने वाले जालसाजों के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है और नकदी निकालने के लिए गैंग के लोगों ने उस खाते की चेक बुक भी हासिल कर ली थी. गैंग ने केवाईसी में रजिस्टर्ड खाताधारक के यूएसए के मोबाइल नंबर के समान एक भारतीय मोबाइल फोन नंबर भी हासिल किया है. इस मामले में एचडीएफसी बैंक के तीन कर्मचारियों सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इन लोगों ने एनआरआई के खाते से 5-6 करोड़ रुपये निकालने की कोशिश की थी.

साइबर यूनिट के डीसीपी केपीएस मल्होत्रा के मुताबिक- एचडीएफसी बैंक ने स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि एक एनआरआई बैंक खाते में कई अवैध इंटरनेट बैंकिंग प्रयास देखे गए हैं. इसके अलावा, धोखाधड़ी से प्राप्त चेक बुक का उपयोग करके उसी खाते से नकदी निकालने का प्रयास किया गया है. पहले से पंजीकृत यूएस मोबाइल फोन नंबर को उसी के जैसे भारतीय मोबाइल फोन नंबर से बदलकर उसी बैंक खाते के केवाईसी में अपडेट मोबाइल फोन नंबर प्राप्त करने का भी प्रयास किया गया. एचडीएफसी बैंक ने आगे आरोप लगाया कि खाते की इंटरनेट बैंकिंग तक पहुंचने के सभी 66 प्रयास किए गए.पुलिस ने केस दर्ज कर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 20 जगहों पर छापेमारी की. जांच के दौरान कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

गिरफ्तार लोगों में आर जयसवाल, जी शर्मा, ए कुमार, ए तोमर, एच यादव,एस एल सिंह, एस तंवर, एन के जाटव, एस सिंह और एचडीएफसी बैंक के कर्मचारी डी. चौरसिया ,एक महिला कर्मचारी शामिल हैं.आरोपी व्यक्तियों से पूछताछ में पता चला है कि एनआरआई के खाते में काफी पैसा था और उसमें काफी दिन से कोई लेन-देन नहीं हुआ था. आरोपी आर जायसवाल, जीशर्मा और ए सिंघल ने अपने सहयोगियों के साथ खाते से जुड़ी जानकारी जुटाई. एचडीएफसी की एक महिला कर्मचारी की मदद से उन्होंने उस खाते की चेक बुक हासिल कर ली और खाते का कर्ज भी फ्रीज कराया. जांच से पता चला है कि एचडीएफसी बैंक कर्मचारी को 10 लाख रुपये और 15 लाख रुपये के बीमा बिज़निस का वादा किया गया था. पहले भी इस खाते से पैसे निकालने का प्रयास किया गया था। इसे लेकर ग़ाज़ियाबाद और मोहाली में 2 केस दर्ज थे.