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Thursday, October 21, 2021 at 7:58 PM

एनटीपीसी बिजली परियोजना नवीनगर की दोनों में कोयला की कमी

औरंगाबाद। कोयले की कमी से बिजली की हुई किल्लत का असर बोधगया पावर ग्रिड में हुआ है और इस ग्रिड से औरंगाबाद में बिजली की आपूर्ति होती है। इससे इस जिले में भी बिजली की किल्लत हुई है। औरंगाबाद जिले के नवीनगर में एनटीपीसी की दो थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की कमी हुई है। एनपीजीसी एवं दूसरी बीआरबीसीएल बिजली परियोजना में तीन से चार दिन की कोयला बची है।

हालांकि दोनों बिजली परियोजना प्रबंधन के अनुसार प्रतिदिन कोयले का आना जारी है। अगर कोयले का तीन से चार दिन आना रुक जाएगा तो दोनों बिजली परियोजना से बिजली उत्पादन पर असर पड़ सकता है। बिजली उत्पादन में कमी आने पर बोधगया पावर ग्रिड पर भी असर पड़ेगा। दोनों एनटीपीसी को झारखंड के कोल इंडिया से कोयले की आपूर्ति की जाती है। एनपीजीसी की हजारीबाग में एक अपनी माइंस है। बताया गया कि बरसात में कोयले के माइंस में पानी भर जाता है जिससे कोयले का उत्पादन कम हो जाता है। जब माइंस में कोयले का निकलना कम होता है तो बिजली प्लांटों पर इसका सीधा असर पड़ता है।

वर्तमान में एनपीजीसी की दो यूनिट से 1320 एवं बीआरबीसीएल की तीन यूनिट से 750 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। एनपीजीसी की एक और यूनिट से 660 एवं बीआरबीसीएल की एक और यूनिट से 250 मेगावाट बिजली उत्पादन की दिशा में काम चल रहा है। एनपीजीसी से उत्पादित बिजली का 85 प्रतिशत बिजली बिहार को मिलती है जबकि बीआरबीसीएल से उत्पादित बिजली का दस प्रतिशत मिलता है। एनपीजीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि हमारे प्लांट में प्रतिदिन कोयला आ रही है।

हालांकि उन्होंने बताया कि ज्यादा स्टाक नहीं है पर प्रतिदिन कोयले के आने से बिजली उत्पादन पर अबतक कोई असर नहीं पड़ा है। कोयला की कमी न हो इसके लिए पूरा मैनेजमेंट लगा हुआ है और हर पल कोयले की मानीटरिग की जा रही है।