मुझपर पाबंदी चुनाव आयोग का जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त फैसला : मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने चुनाव आयोग द्वारा प्रचार पर लगाई गई पाबंदी पर आपत्ति जताई है। मायावती ने आयोग के फैसले को एकतरफा बताते हुए पाबंदी को जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त फैसला करार दिया।
लखनऊ में सोमवार शाम पत्रकारवार्ता कर मायावती ने कहा कि चुनाव आयोग ने मुझपर प्रचार के लिए पाबंदी लगाई है लेकिन नोटिस में यह कही नहीं लिखा था कि मैंने भड़काऊ भाषण दिया है। मेरे चुनाव प्रचार पर 48 घंटे की पाबंदी लगाना जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त फैसला है। मायावती ने कहा कि चुनाव आयोग ने बिना मेरा पक्ष सुने ही मुझपर प्रतिबंध लगा दिया। अब अगले दो दिन होने वाली रैलियों में मैं तो नहीं जा पाऊंगी लेकिन मेरे कार्यकर्ता मेरा संदेश लोगों तक जरूर पहुंचाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने एकतरफा फैसला दिया है। मुझे बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार से वंचित कर दिया गया है। इस दिन को चुनाव आयोग के इतिहास में एक काले दिन के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने आयोग पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को खुली छूट देने का आरोप भी लगाया।
दरअसल, 7 अप्रैल को देवबंद, सहारनपुर में गठबंधन की संयुक्त रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा था कि मुसलमान अपने वोट बंटने न दें और एकमुश्त गठबंधन प्रत्याशी को वोट करें। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए 11 अप्रैल को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था और अब उन पर 48 घंटे तक चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है। यह रोक कल सवेरे 6 बजे से लागू होगी।

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