चरक अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से सिपाही की मौत

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात सिपाही की अस्पाताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। परीजनो ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। घटना की जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

जानकारी के अनुसार, मूलरूप से कानपुर ज़िले का रहने वाला अभिषेक सिंह 2011 बैच का सिपाही था जो लखनऊ की पुलिस लाइन में तैनात था। अभिषेक को देर रात पेट में दर्द होने के कारण दुबग्गा के इसी चरक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जहा भोर सुबह उसकी अस्पताल में ही मौत हो गयी। परिजनों ने डॉक्टर समीर पर आरोप लगाया है। सम्बंधित बिमारी का इलाज करने वाला डॉक्टर नहीं था और किसी अन्य डॉक्टर की देख रेख में रखा जिसके कारण उसकी हालात बिगड़ती गयी जिसके चलते उसकी मौत हो गयी।

हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा। महकमे में सिपाही की मौत की खबर पर सीओ सहित आस पास के थाने की फ़ोर्स पहुँच गई। सीओ चौक दुर्गा प्रसाद तिवारीका कहना है की मामले में परिजनों की तहरीर मिलने पर सम्बंधित डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ इलाज में लापरवाही का मामला दर्ज किया जाएगा।

वहीं मृतक के ससुर जितेंद्र सिंह और आस पास के लोग बताते हैं कि यह कोई पहला मामला नहीं है बल्कि कई मामलों में आये दिन यहाँ लापरवाही से मरीजों की जान जाती है। लेकिन अँधेरी नगरी में चरक अस्पताल पर कार्यवाई करने वाले स्वास्थ विभाग के अफसर अकसर कतराते है। क्योंकि ऊँची पहुंच रखने वाला चरक अस्पातल खुद को नेता और मंत्री से जुड़ा होने का दावा करता है। ऐसे में सवाल सिर्फ स्वास्थ महकमे पर नहीं बल्कि सरकार पर भी खड़े होते है कि लोगो की ज़िंदगी से खिलवाड़ करने वाले चरक अस्पातल पर कार्यवाई कब होगी।

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