पटना के नौबतपुर में सड़क नहीं तो वोट नहीं को लेकर ग्रामीणों ने किया वोट बहिष्कार

सांसद ,विधायक ,विधानपार्षद, जिला पार्षद, मुखिया तक रखी बात लेकिन किसी ने नहीं कराया सड़क निर्माण

>> प्रशासन से भी नहीं मिला सहयोग , क्या हम नहीं हैं  भारतीय नागरिक

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । लोकतंत्र के आस्था को लेकर  राजधानी जिले पटना से बुरी खबर आ रही हैं । सड़क नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगाकर नौबतपुर के चर्रा और सलारपुर  गांव के पुरे ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार कर दिया हैं । प्रशासन के लाख दलीलें और आश्वासन के बाद भी मतदाता मानने को तैयार नहीं हैं ।
    चर्ररा और सलारपुर गांव के ग्रामीणों का आरोप है की आजादी के 72 वर्ष गुजर गये लेकिन आजतक हमारे गांव की सड़क नहीं बनी हैं । क्या हम भारतीय नागरिक नहीं है की हमें सरकारी योजनाओं ,सुविधाएं से वंचित रखा गया हैं । जब हमारे लिए सरकारी योजनाएं नहीं है/सरकार नहीं है तो फिर वोट क्यों दें ।
     सड़क निर्माण को लेकर सांसद ,विधायक ,विधान पार्षद, जिला पार्षद ,मुखिया तक से मांग रख चुके है।सामूहिक रूप से फरियाद करते आएं है लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी ।  जैसे ही वोट बहिष्कार की सूचना प्रशासन के अधिकारियों को मिली ,मान-मनौल का दौर शुरू हो गया । आश्वासन तक दिये की अगली बार सड़क जरूर बन जायेगी लेकिन  10.30 बजे तक इसका कोई असर नहीं हुआ और पुरे ग्रामीण वोट बहिष्कार पर अडिग हैं । इस तरह वोट का बहिष्कार करना लोकतंत्र को कमजोर करने के समान हैं और कहीं न कहीं से इसका जिम्मेवार भी नेता हैं ।
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