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महिलाओं को मुफ्त मेट्रो यात्रा के खिलाफ याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने की खारिज

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार द्वारा प्रस्तावित महिलाओं को मुफ्त मेट्रो यात्रा कराने की योजना के खिलाफ दायर एक याचिका मंगलवार को खारिज कर दी. मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.एन. पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की खंडपीठ ने यह कहते हुए याचिकाकर्ता बिपिन बिहारी सिंह पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगा दिया कि इस याचिका का कोई आधार नहीं है.

याचिका में आरोप लगाया गया था कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का प्रस्तावित निर्णय मनमाना और भेदभावपूर्ण है. याचिका में अदालत से दिल्ली सरकार को महिलाओं के लिए मेट्रो यात्रा निशुल्क करने वाला कोई कदम नहीं उठाने का निर्देश देने के लिए कहा गया था.

बता दें, केंद्र सरकार पहले ही अरविंद केजरीवाल सरकार के इस प्रस्ताव को रद्द कर चुकी है. केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि इस प्रस्‍ताव में कुछ खामियां हैं. इसलिए इसे फिलहाल रद्द किया जा रहा है. इस प्रस्ताव को लेकर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) के पूर्व प्रमुख और ‘मेट्रो मैन’ के नाम से मशहूर ई श्रीधरन ने भी इससे पहले आरोप लगाया था कि महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा संबंधी दिल्ली सरकार का प्रस्ताव एक ‘‘चुनावी पैंतरा’’ है.

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