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”वन नेशन वन फ्लैग की परिकल्पना” अब जाकर हुई साकार

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर राज्य से अनुच्छेद 370 हटा लिया गया यानि राज्य को मिले खास दर्जे को खत्म कर दिया गया। मोदी सरकार के इस फैसले को लेकर देश दुनिया से खासी प्रतिक्रियायें मिलीं और तमाम लोगों ने सरकार की इस पहल को सराहा हालांकि इस फैसले को लेकर लोगों ने विरोध भी जताया मगर ऐसे तबके की तादात कुछ खास नहीं थी।

जाहिर सी बात है कि केंद्र सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का असर होना ही था वैसा ही हुआ सबसे पहले तो राज्य के नागरिकों के मन में ये सवाल आ रहे हैं कि इस फैसले के बाद राज्य का स्वरूप कैसा होगा, उनकी अपनी लाइफ अब कैसी होगी और उनको मिले अधिकारों का क्या होगा ऐसे तमाम सवाल लोगों के जेहन में आ रहे हैं और सरकार उनका समाधान भी कर रही है।

ऐसे ही बदले हालातों के बीच 12 अगस्त को ईद का त्यौहार भी आ गया वो भी बिना किसी विरोध के शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया है। इसके लिए सुरक्षा बलों की मुस्तैदी तो काम आ ही रही है साथ ही देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहरकार अजीत डोभाल की सटीक रणनीति का खासा रोल हैं, गौरतलब है कि अजीत डोभाल घाटी में ही डेरा डाले हैं और स्थानीय लोगों से मिलजुलकर और उनसे बातचीत कर सरकार के इस फैसले से राज्य के लोगों को होने वाले फायदों के बारे में बता रहे हैं जिसका काफी असर देखा जा रहा है और ईद का पर्व अच्छे से निकल गया ये भी बड़ी सफलता मानी जा रही है।

केंद्र सरकार के सामने अब बड़ी चुनौती राज्य में 15 अगस्त को लेकर है हालांकि सरकार ने इसके लिए पुख्ता बंदोबस्त किए हैं, जम्मू कश्मीर के लिए स्वतंत्रता दिवस यानि 15 अगस्त पहले के सालों के मुकाबले अलग होने जा रहा है, हम बात कर रहे हैं राज्य में स्वतंत्रता दिवस पर निकलनी वाली परेड की तो इस बार परेड से राज्य का अलग झंडा नदारद दिखेगा यानि परेड में इस दफा केवल राष्ट्रीय ध्वज यानि ”नेशनल फ्लैग” ही होगा।

मंगलवार को इस समारोह से पहले राजधानी श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में पुलिस के जवानों ने फुल ड्रेस रिहर्सल की। पुलिस के जवानों की परेड के अलावा राज्य की सांस्कृतिक लोकगीत और डांस का भी रिहर्सल पूरे जोशो-खरोश के साथ किया गया।

राज्य के लोगों के साथ-साथ देश के लिए भी ये खासा सुखद अनुभव होगा यानि केवल राष्ट्रीय ध्वज ही दिखेगा तो इसे देखना बेहद सुखद होगा। इस बदलाव के बाद अब ये कहा जा सकता कि ”वन नेशन वन फ्लैग की परिकल्पना” अब जाकर साकार होगी।

जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी आर्टिकल 370 के प्रावधानों को हटाने का प्रस्ताव पास होने के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने अपनी सरकारी गाड़ी से जम्मू-कश्मीर राज्य के झंडे को उतार दिया था।

गौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर पर बड़ा फैसला करते हुए अनुच्छेद 370 खत्म करने का प्रस्ताव किया था। साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने की सिफारिश की थी, अब जम्मू-कश्मीर की अपनी विधानसभा होगी जबकि लद्दाख बिना विधानसभा के होगा।

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