उत्तर प्रदेशलखनऊ

पानी टंकी पर चढ़ा पूरा परिवार ,  24 घंटे बाद मांग मनवाकर उतरा नीचे

-टंकी पर मच्छरदानी बांधकर बितायी  रात
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के जागर्स पार्क स्थित पानी की टंकी पर चढ़े अधिवक्ता परिवार का हाई वोल्टेज ड्रॉमा 24 घंटे बाद शनिवार को खत्म हुआ। पेट्रोल लेकर आत्मदाह की धमकी दे रहा परिवार हरदोई पुलिस की प्रातड़ना से परेशान था। 24 घंटे से एसएसपी हरदोई, सीओ संडीला समेत कई अधिकारियों ने मनाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मान रहे थे। जिसकी वजह से शासन प्रशासन के हाथ पैर फूले हुए थे। बताते चलें कि शुक्रवार को करीब 11 बजे पानी की टंकी पर परिवार सहित चढ़े वकील पूरी रात टंकी से नीचे नहीं उतरा। पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री से मिलने की जिद पर अड़ा रहा । अखिरकार शनिवार दोपहर डीएम हरदोई के आश्वासन के बाद पूरे परिवार को नीचे उतारा गया।

हरदोई सुरसा थाना क्षेत्र के निवासी अधिवक्ता विनय प्रताप सिंह का आरोप है कि गांव के लल्लन सिंह, वीरपाल सिंह उर्फ भोला, संजय सिंह, कृष्णपाल सिंह उर्फ केपी, अमर सिंह व भरत सिंह ने पैतृक जमीन पर कब्जा कर लिया। विरोध पर जनवरी 2016 में भाई विवेक प्रताप सिंह को अगवा कर लिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी  पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। साथ ही आरोपितों की धमकी के चलते गांव छोड़ना पड़ा। इसी वजह से उसने टंकी पर चढ़कर खुदकुशी करने का फैसला किया है। विनय के साथ उनकी पत्नी राधा के अलावा भाई अजय प्रताप सिंह, अजय की पत्नी माला, उसका नौ साल का बेटा शिव सिंह, बहन राजवती सिंह, बेटी पूनम भी थे। अधिवक्ता विनय प्रताप का कहना था कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो शनिवार सुबह पूरा परिवार पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लेगा। घटना की जानकारी लगते ही हरदोई के एएसपी ज्ञानंजय सिंह और सीओ संडीला अमित कुमार श्रीवास्तव भी उन्हें मनाने पहुंचे थे। अधिकारियों ने हरदोई के डीएम से फोन पर बात कराने का प्रयास किया, लेकिन अधिवक्ता सिर्फ मुख्यमंत्री या डीजीपी से बात करने की बात पर अड़े रहे। शुक्रवार रात तक पूरा परिवार पानी की टंकी पर ही मौजूद रहा। टंकी पर मच्छरदानी बांधकर  रात बितायी। वहीं देर रात तक पुलिस-प्रशासन के अधिकारी अधिवक्ता व उनके परिवारीजनों को टंकी से सुरक्षित उतारने का प्रयास कर रहे थे। मौके पर कई थानों की फोर्स और फायर ब्रिगेड मौके पर मौजूद थी। वे सभी पेट्रोल डाकर आत्मदाह करने की धमकी दे रहे थे। शनिवार दोहपर करीब एक बजे करीब हरदोई डीएम पुलकित खरे और एसपी हरदोई और बार एसोसिएशन अध्यक्ष के आश्वासन पर परिवार नीचे उतरा। नीचे उतरने के बाद वकील समेत पूरे परिवार का मेडिकल चेकअप किया गया।

पुलिस का खाना-पानी फेंका, सिर्फ पावर बैंक लिया
पुलिस ने खाने-पीने का सामान भेजा जिसे सबने लौटा दिया। पूरे समय पुलिस विनय और उसके परिवारीजनों से मोबाइल फोन पर बात करती रही। विनय के मोबाइल फोन की बैटरी खत्म हो गई, जिससे वह स्विच आॅफ हो गया। पुलिस ने पावर बैंक और पानी की बोतलें ऊपर भिजवाईं। विनय ने पावर बैंक तो ले लिया पर पानी की बोतलें फेंक दीं। उसने पुलिस के हाथ का दिया कुछ भी खाने-पीने से साफ इनकार कर दिया। पुलिसकर्मियों ने लाउड स्पीकर से बोलते हुए हरदोई के डीएम पुलकित खरे और एसपी आलोक प्रियदर्शी से बात करने को कहा। हालांकि, विनय ने किसी से भी बात करने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि अब मामला डीएम और एसपी के हाथ से निकल चुका है। वह सिर्फ मुख्यमंत्री या फिर डीजीपी से ही मिलकर शिकायत कहेगा।

पेट्रोल से भीगा कपड़ा जलाकर दी धमकी
काकोरी पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने टंकी पर चढ़ने की कोशिश की तो विनय प्रताप सिंह ने एक कपड़े में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जलता हुआ कपड़ा एक डंडे में लपेटकर वह लहराने लगा और पुलिस के ऊपर आने पर सबको जलकर मरने की धमकी दी। विनय का कहना था कि वह अपने साथ पांच लीटर पेट्रोल लाया है।

मांगे मानने पर परिवार उतरा  
पीड़ित अधिवक्ता के परिजन  को  20 लाख रुपये मुआवाजा , सीबीआइ की जांच, अधिवक्ता नोटरी प्रमाण पत्र में लगाए आरोप जिमसें पीड़ित के ऊपर एससी एसटी का आरोप उनको खत्म करने, गांव में दबंगोे द्वारा गिराए गए मकान की मरम्मत एक माह के अंदर कराने का आश्वासन दिया गया। साथ ही न्याय नहीं मिला तो इसकी जिम्मेदारी बार एसोसिएशन लेने को तैयार है।

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