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भारत-नेपाल सीमा सड़क के पुनःसंरेखण के सम्बन्ध में निरीक्षण के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन विभाग, सीमा सुरक्षा बल तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम को भारत-नेपाल सीमा सड़क के पुनःसंरेखण के सम्बन्ध में निरीक्षण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उन मार्गों का भी निरीक्षण कर लिया जाए, जो भारत-नेपाल सीमा पर पूर्व से विद्यमान हैं। उन्होंने कहा कि वन तथा वन्य जीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों का सुदृढ़ीकरण किया जाना आवश्यक है। इसके दृष्टिगत भारत-नेपाल सीमा सड़क का निर्माण किए जाने के सम्बन्ध में निर्णय लेते हुए प्रस्ताव दिया जाए, जिसे भारत सरकार को भेजा जा सके।
मुख्यमंत्री मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर भारत-नेपाल सीमा सड़क के पुनःसंरेखण के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के पश्चात संरेखण में वांछित परिवर्तन इस प्रकार किया जाए कि पूर्व में विद्यमान मार्गों के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ पर्यावरण, वन और वन्य जीवों को हानि न पहुंचे और कनेक्टिविटी बेहतर हो। उन्हांेंने भारत-नेपाल सीमा सड़क को ‘आॅल वेदर रोड’ के रूप में बनाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि वन विभाग की जो सड़कंे पूर्व में विद्यमान हैं, उनका उपयोग सुनिश्चित करते हुए आवश्यकतानुसार नई सड़कों का एलाइनमेण्ट किए जाने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में रास्ते में पड़ने वाले गांवों के लोगों का पुनर्वासन भली प्रकार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल की बाॅर्डर सुरक्षा चैकियों को संयोजित करने के लिए भारत-नेपाल सीमा सड़क का पुनः संरेखण आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रस्तावित सड़क निर्माण से प्रभावित वन क्षेत्र पीलीभीत टाइगर रिजर्व, दुधवा टाइगर रिजर्व, सोहेलवा, सोहागीबरवा तथा बहराइच एवं श्रावस्ती वन्यजीव प्रभागों सहित सम्बन्धित जनपदों पीलीभीत, लखीमपुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर एवं महराजगंज का सर्वे शीघ्रता से सुनिश्चित करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में वृक्षों के पातन, जीवों के प्राकृतवास को होने वाली हानि, संरक्षित क्षेत्रों का विखण्डन, वन्यजीव गलियारों में उत्पन्न होने वाली बाधाएं तथा जलीय तंत्र में अवांछित परिवर्तन के दृष्टिगत पुराने संरेखण में बदलाव किया जाना आवश्यक हो गया है।
इस अवसर पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को भारत-नेपाल सीमा सड़क के पुनःसंरेखण के सम्बन्ध में क्षेत्रवार प्रस्तुतिकरण देते हुए विस्तृत जानकारी दी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव आरके तिवारी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव वन कल्पना अवस्थी सहित सशस्त्र सीमा बल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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