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सोरायसिस को ठीक करने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खा

आजकल थोड़ी थोड़ी सर्दी का अहसास होने सा लगा है और ठंड ने लगभग दस्तक दे दी है। सर्दी के मौसम आते ही सोरायसिस का खतरा भी अधिक हो जाता है। सोरायसिस त्‍वचा पर होने वाला रोग है, जिसमें आपकी त्‍वचा पर रैसेज, लाल चखत्‍ते और दानों के साथ खुजली की समस्‍या होती है। यह आम तौर पर स्‍कैल्‍प, हाथ-पैरों और पीठ पर अधिक होता है। आइए आज हम आपको बताते हैं, सोरायसिास क्‍या हे और सर्दियों सोरायसिस की समस्‍या से आप कैसे बचाव करें।

सोरायसिस क्‍या है और कैसे होता है?
सोरायसिस एक चर्म रोग है, जिसमें आपकी त्‍वचा में पपड़ी, रैसेज, खुजली और दाने जैसी समस्‍याएं होती हैं। इस दौरान आपकी त्‍वचा इतनी कमजोर पड़ जाती है कि नई त्‍वचा बनने से पहले ही खराब होने लगती है। सोरायसिस में आपकी स्किन पर लाल चखत्‍ते और खून भी निकलने लगता है। यह सोरायसिस के आम लक्षण हैं। रायसिस आपके हार्मोनल बदलाव, कमजोर इम्‍युन सिस्‍टम और आनुवांशिक कारणो से हो सकता है। इसके अलावा, ठंड की स्थिति में सोरायसिस का खतरा बढ़ता है, क्‍योंकि इस दौरान वैसे भी आमतौर पर स्क्नि में ड्राईनेस होती है।

सोरायसिस के लक्षण – त्‍वचा पर लाल चखत्‍ते, खुजलीदार त्‍वचा और छिल्केदार त्वचा, त्‍वचा पर पपड़ियां जमना, कोहनी, घुटनों, कमर पर ड्राईनेस और दाद दिखना

हल्दी है सोरायसिस का रामबाण इलाज 
हल्‍दी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा के लिए फायदेमंद हैं। इसलिए यह सोरायसिस की समस्‍या से निपटने के लिए हल्‍दी एक बेहतरीन उपाय है। इसके लिए आप हल्‍दी का पेस्‍ट तैयार करें और इसे हल्‍की आंच में गर्म करें। इसके बाद आप सोने पहले सोरयसिस से प्रभावित हिस्‍से में इस पेस्‍ट को लगाएं। यह आपको खुजली को कम करने और स्किन को डैमेज होने से बचाएगा।

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