लखनऊ

तीन चरणों में सम्पन्न हुआ इनसेफ्लाइटिस बचाव अभियान

गत वर्ष की तुलना में मृत्यु दर घटी: झिमोमी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य में एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस, सिन्ड्रोम (ए.ई.एस.) एवं जापानी इन्सेफ्लाइटिस (जे.ई.) के नियंत्रण एवं इन बीमारियों से ग्रस्त मरीजों का प्रभावी उपचार वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। वर्ष 2019 में संचारी रोग की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग अभियान के तीन चरण प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में चलाये जाने का लक्ष्य रखा गया। जिसका प्रथम चरण दिनांक 10 से 28 फरवरी, 2019, द्वितीय चरण दिनांक 01 से 31 जुलाई, 2019 एवं तृतीय चरण दिनांक 02 से 30 अक्टूबर, 2019) तक सम्पन्न किया जा चुका है।
यह जानकारी देते हुए वी. हेकाली झिमोमी सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने बताया कि गत वर्ष माह अक्टूबर के अंत तक ए.ई.एस. के 2628 रोगियों की पुष्टि हुई थी, जिनमें 123 रोगियों की मृत्यु हो गई थी। ये मृत्यु दर 4.56 थी। वर्ष 2019 में 1654 रोगी ही ए.ई.एस. से प्रभावित पुष्ट हुए, जिनमें 72 रोगियों की मृत्यु हो गई। ये मृत्यु दर 4.35 थी। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष ए.ई.एस. रोग पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। जापानी इंसेफ्लाइटिस के वर्ष 2018 में 262 रोगी प्रकाश में आए थे जबकि इस वर्ष इस पर भी नियंत्रण हो सका है और प्रदेश में 165 रोगी ही प्रकाश में आए। गत वर्ष जे.ई. से 19 रोगियों की मृत्यु हो गई थी, इस वर्ष 14 रोगियो की मृत्यु जे.ई. से होने की पुष्टि हुई है।

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