मध्य प्रदेशराष्ट्रीय

सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में आयुष विंग की स्थापना के निर्देश : मुख्यमंत्री कमल नाथ

हर्बल मण्डी बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत

भोपाल : मुख्यमंत्री कमल नाथ ने प्रदेश के सभी चिकित्सा माहविद्यालयों में आयुष विंग की स्थापना करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय में आयुष विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति आम जनता में रूझान बढ़ा है लेकिन अपेक्षित विकास न होने के कारण लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी एक माह में लक्ष्य आधारित कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध कार्यक्रम तैयार करें। बैठक में चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान नीमच जिले में हर्बल मण्डी बनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस संबंध में आवश्यक सहमति पत्र भेजा जाए। मुख्यमंत्री ने भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के संबंध में भेजे गए प्रस्ताव का पाक्षिक फॉलोअप करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आयुष चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएँ है। इनका समुचित दोहन न होने के कारण प्रदेश को और यहाँ के नागरिकों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। श्री कमल नाथ ने कहा कि आज पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में पंचक्रम योग जैसी कई विधाएँ हैं, जो मनुष्य को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य बनाने के साथ ही गंभीर बीमारियों का भी निदान करती हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कार्य-योजना तैयार करें और निजी क्षेत्रों को अवसर प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आयुष पद्धति में शोध एवं विकास की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विश्व के अग्रणी देशों जैसे होम्योपैथी में जर्मनी और हर्बल मेडीसिन में चीन में अध्ययन के लिए आयुष विभाग का दल भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि यह दल इस चिकित्सा पद्धति में एमओयू की संभावनाओं का भी पता लगाए। उन्होंने प्रदेश में आयुष की विभिन्न पद्धतियों तथा विकसित औषधियों के संबंध में पेटेंट प्राप्त करने और शोध एवं विकास को अभिलिखित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग द्वारा भारतीय चिकित्सा पद्धति से जुड़ी विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्यवर्द्धक जानकारियों, आयुर्वेदिक उपायों तथा औषधीय पौधों की पुस्तकें प्रकाशित करने को कहा। उन्होंने इन पुस्तकों का अंग्रेजी में भी अनुवाद करवाकर सभी पर्यटन सूचना केन्द्र, होटल और निजी होटल के साथ सभी ऐसे स्थानों में, जहाँ प्रचार-प्रसार हो सके, उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव एस.आर. मोहन्ती, आयुक्त आयुष डॉ. एम.के. अग्रवाल, उप संचालक आयुष डॉ. पी.सी. शर्मा एवं प्राचार्य पंडित खुशीलाल महाविद्यालय डॉ. उमेश शुक्ला उपस्थित थे।

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