कारोबार

घर कि रसोई ने डाला लोगोंं कि जेब पर असर, अब इस रेट पर मिलेगी सब्सिडी गैर

गैर सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में भारी वृद्धि की गई है। इंडियन आयल के मुताबिक दिल्ली में 14 किलो वाला सिलिंडर अब 144.50 रुपये बढ़कर 858.50 रुपये में मिलेगा। वहीं कोलकाता में यह 149 रुपये बढ़कर 896.00 रुपये जबकि मुंबई के लोगों को 145 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। यहां सिलिंडर अब 829.50 रुपये में मिलेगा। एएनआई के मुताबिक इस साल एक जनवरी के बाद गैस के दाम नहीं बढ़े थे।

आज से ही लागू हैं नई दरें

आज से नई दरें लागू होने के बाद अब दिल्ली में 14 किलो का गैस सिलिंडर 858.50 रुपये में मिलेगा। यहां 144.50 रुपये दाम बढ़ाए गए हैं। वहीं, कोलकाता के ग्राहकों इसी सिलेंडर को 149 रुपये ज्यादा देकर 896.00 रुपये के दाम पर मिलेगा।

मुंबई के लोगों को अब 145 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। आज से अब नया रेट 829.50 रुपये हो गया है। जहां तक चेन्नई की बात करें तो यहां 147 रुपये की बढ़ोतरी के साथ अब 881 रुपये में 14 किलो का गैर सब्सिडी वाला एलपीजी गैस सिलिंडर मिलेगा।

गैर सब्सिडी वाले इंडेन सिलेंडर (14.2 kg ) का पिछले 3 महीने का रेट

शहर रेट फरवरी जनवरी दिसंबर
दिल्ली 858.5 714 695
कोलकाता 896 747 725.5
मुंबई 829.5 684.5 665
चेन्नई 881 734 696

बता दें आम बजट से पहले कामर्शियल गैस सिलेंडर पर रिकॉर्ड 224.98 रुपए का इजाफा किया गया था। कारोबारियों को कामर्शियल सिलेंडर के लिए 1550.02 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं, घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत मिली थी। मसिक रेट रिवीजन में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (14.2 किलो) के बाजार भाव में कोई बदलाव नहीं किया गया । यानी लोगों को (14.2 किलो) वाला सिलेंडर 749 रुपए का ही मिल रहा था।

पिछले तीन महीनों में गैस सिलेंडर के दाम

सिलिंडर का वजन जनवरी 2020 दिसंबर 2019 नवंबर 2019
14.2 किलो 749.00 रुपये 730.00 रुपये 716.50 रुपये
19 किलो 1325.00 रुपये 1295.50 रुपये 716.50 रुपये
5 किलो 276.00 रुपये 269.00 रुपये 264.50 रुपये

12 सिलेंडरों पर सब्सिडी देती है सरकार

वर्तमान में सरकार एक वर्ष में प्रत्येक घर के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी देती है। अगर इससे अधिक सिलेंडर चाहिए तो बाजार मूल्य पर खरीदारी करनी होती है। हालांकि सरकार हर साल 12 सिलेंडरों पर जो सब्सिडी देती है, उसकी कीमत भी महीने-दर-महीने बदलती रहती है। औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक सब्सिडी की राशि निर्धारित करते हैं।

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