लखनऊ

बारिश में भी गौवंशों के सिर पर टीन शेड तक नहीं!

राजू तिवारी

लखनऊ. आवारा गोवंशों को संरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा  अस्थाई पशु आश्रय स्थल को बनाया गया । लेकिन बदहाली का शिकार हो गए और पशु आश्रय स्थल में रखे गए गोवंश अव्यवस्था के चलते गम्भीर बीमारियों का शिकार होकर एक एक कर समाप्त हो रहे है ।  बीकेटी में बनी अट्ठारह अस्थाई पशु आश्रय स्थल की हालत बद से बदतर हो रही है। बीकेटी की उसरना, मंडौली, पहाड़पुर, अचरामऊ, अल्दमपुर, किशनपुर सहित सभी गौशालाओं में गोवंशो के ठहरने के लिए पर्याप्त टीन सेट तक नहीं उपलब्ध है ।  ना ही कराया जा सका है जिससे बरसात के मौसम में पानी के साथ ओलों की भी मार झेलनी पड़ेगी पर विभागीय अधिकारी इससे बिल्कुल भी अंजान बने हुए है। क्योंकि वह तो बडी और लग्जरी गाड़ी से चलते हैं उनको बरसात और ओलों की मार नहीं झेलनी पड़ती है। उसरना पशुआश्रय केंद्र
जब से खुला है तब से आज तक पर्याप्त तीन सेट नहीं पड़  पाया है। जबकि जाड़ा, भीषण गर्मी और अब बरसात तक की नौबत तक आ चुकी है। पर गोवंशो के सर पर टीन शेड तक नहीं पड़  पाया है। तरुण मित्र दैनिक अखबार ने प्रमुखता से कई बार खबर को प्रकाशित किया है जिसको लेकर खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने उसरना  पशु आश्रय केंद्र में टीन शेड लगवाने का आदेश दिया है पर पशुओं के लिए इस तरह के पशु आश्रय केंद्र मौत के केंद्र साबित हो रहे हैं।  स्थानीय ग्रामीणों की माने तो सभी पशु आश्रय केंद्रों में भूसा  बाहर दिखावटी के रूप में लगा दिया गया है, कि अगर कोई निरीक्षण करने आए तो यह दिखाया जा सके कि पर्याप्त मात्रा में भूसा चारा की व्यवस्था है। पर उनको ना देकर सैकड़ों कुंटल भूसा सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है।  अधिकारियों की लापरवाही ना जाने कितने गोवंशो को काल के गाल में समा दिया है। जबकि खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सभी प्रधान सचिव को आदेशित किया गया है अगर इस तरह की शिकायत आ रही है तो जांच कराकर उचित कार्यवाही की जाएगी।
loading...
Loading...

Related Articles