Wednesday, September 30, 2020 at 4:17 PM

मायावती 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल और सोनिया गांधी के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेंगी

लखनऊ: 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी राजनितिक दलों ने अपने-अपने समीकरण तय करना अभी से शुरू कर दिया है। भाजपा, गांधी परिवार की सीटों (अमेठी और रायबरेली) पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उसके कई बड़े नेता यहां सक्रिय हैं।

ऐसे में खबर आ रही है कि मायावती की बहुजन समाज पार्टी 2019 के आम चुनाव में रायबरेली और अमेठी लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, मायावती के एक विश्वासपात्र ने इस बात की पुष्टि की है कि वोटों का बंटवारा रोकने के लिए यह कदम उठाया जाएगा तांकि कांग्रेस और भाजपा में सीधा मुकाबला रहे।समाजवादी पार्टी 2004 से अमेठी और 2009 से ही रायबरेली में अपना उम्मीदवार नहीं खड़े करती है।

बसपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ‘यदि सपा के साथ गठबंधन होता है तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि पार्टी अमेठी और रायबरेली से उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इससे पार्टी अच्छी तरह से अपने वोट कांग्रेस को ट्रांसफर करने में कामयाब रह सकती है।’

एक वरिष्ठ बीजेपी नेता भी यह स्वीकार किया कि यदि त्रिकोणीय मुकाबला होता है तो इससे सत्ताधारी दल को फायदा होता। इससे पहले भाजपा ने 1996 और 1998 में रायबरेली की सीट से लोकसभा चुनाव जीता था। लेकिन इसके बाद यहां कांग्रेस का प्रभुत्व कायम रहा।ये भी पढ़ें: बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह के फिर बिगड़े बोल, कहा- इस्लाम और भगवान के बीच होगा 2019 का चुनाव2009 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी को इन दोनों सीटों पर अच्छा मत प्रतिशत प्राप्त हुआ था।

अमेठी और रायबरेली से बीएसपी को क्रमश: 14 फीसदी तथा 16 फीसदी मत प्राप्त हुए थे जबकि भाजपा को केवल 4 और 6 फीसदी ही वोट मिले थे। 2004 में बीएसपी को अमेठी से 17 फीसदी तथा सपा को 19 फीसदी वोट मिले थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अमेठी से स्मृति ईरानी को उम्मीदवार बनाया था जहां उन्हें 34 फीसदी वोट मिले थे जबकि रायबरेली से भी 21 फीसदी वोट प्राप्त हुए थे। सूत्रों की मानें तो विपक्षी दलों ने सीटों के बटवारे को लेकर काम करना शुरू कर दिया है।

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