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पीसीएस की परीक्षा में हुए कई बदलाव, अब 100 नंबर का होगा इंटरव्यू

उत्तर प्रदेश सरकार ने पीसीएस परीक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए 200 अंकों के इंटरव्यू को घटाकर 100 अंकों का कर दिया है। यही नहीं, अब दो की जगह वैकल्पिक विषय एक ही होगा। सामान्य अध्ययन के दो की जगह 4 पेपर होंगे। योगी कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। पिछली सरकार में राज्य लोक सेवा आयोग की भर्तियों की चल रही सीबीआई जांच के बीच योगी सरकार ने पारदर्शिता के लिहाज से यह बड़ा फैसला किया। आरोप थे कि इंटरव्यू में ज्यादा नंबरों के चलते नाकाबिलों को अनावश्यक फायदा मिलता है।
सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि वर्तमान में पीसीएस में चयन 1500 नंबर की लिखित और 200 नंबर के इंटरव्यू से होता है। बदलाव के बाद लिखित परीक्षा तो 1500 नंबर की ही रहेगी, लेकिन इंटरव्यू 100 नंबर का होगा। इससे चयन प्रक्रिया 1600 नंबर में पूरी की जाएगी।

पीसीएस परीक्षा में ये भी किए गए बदलाव
– सामान्य अध्ययन के 200-200 अंकों के दो पेपर होते थे। अब 200-200 नंबर के 4 पेपर आएंगे। यानी सामान्य अध्ययन 800 नंबर का होगा।

– हिंदी व निबंध का पेपर पहले की तरह 150-150 नंबर का ही रहेगा।

– अभी दो वैकल्पिक विषय होते हैं। दोनों विषयों के 200-200 नंबर के दो-दो प्रश्नपत्र होते थे। अब एक ही वैकल्पिक विषय होगा। वैकल्पिक विषय के 200-200 नंबर के दो ही प्रश्नपत्र रह जाएंगे।

– वैकल्पिक विषयों में चिकित्सा विज्ञान भी जुड़ेगा।

योगी सरकार ने शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद को नगर निगम का दर्जा दे दिया। नगर विकास विभाग के इस प्रस्ताव पर मंगलवार को कैबिनेट की मंजूरी मिलने से शाहजहांपुर प्रदेश का 17वां नगर निगम बन गया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में इससे पहले मथुरा-वृदांवन और अयोध्या को भी नगर निगम का दर्जा दिया गया है।

शाहजहांपुर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना का गृह जनपद है। इसलिए इसे नगर निगम बनाने को लेकर काफी दिनों से कवायद चल रही थी। शाहजहांपुर नगर निगम का गठन नगर पंचायत रोजा और शहर के सीमावर्ती 14 राजस्व गांवों को मिलाकर किया गया है।

सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि शाहजहांपुर के नगर निगम बनने से जहां निकाय की आय बढ़ेगी, वहीं शहर में अवस्थापना सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी। साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर अब तक श्रेणी-2 के नगर पालिका परिषद में था लेकिन वहां की आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार ने इसे नगर निगम बनाया गया है।

सोशल मीडिया के सभी चैनल पर लाइव होंगे योगी के कार्यक्रम

योगी सरकार ने सोशल मीडिया के जरिए आम लोगों खासकर युवाओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने से जुड़े अहम प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री व सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों का एएनआई न्यूज एजेंसी लाइव प्रसारण करेगी। सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि इससे मुख्यमंत्री के ट्विटर हैंडल, फेसबुक पेज व सरकार के आधिकारिक यू ट्यूब चैनल पर कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण हो सकेगा।

सोशल मीडिया के सभी चैनल पर मुख्यमंत्री व सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों के लाइव प्रसारण होने से सरकार का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सकेगा। इससे सरकार की नीति व कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार में मदद मिलेगी और युवाओं का भी फीडबैक मिल सकेगा।

नोएडा के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निदेशक की आयुसीमा 70 साल
नोएडा के पोस्ट ग्रेजुएट सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय एवं शैक्षणिक संस्थान के निदेशक की आयुसीमा अधिकतम 70 साल होगी या उनका कार्यकाल पांच साल रहेगा। कैबिनेट ने इससे संबंधित प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। अभी तक निदेशक पद पर तैनात होने के लिए अधिकतम आयुसीमा 65 साल थी। 7 अप्रैल 2015 को नोएडा के इस संस्थान के बाइलॉज का अनुमोदन हुआ था। इसमें धारा-27(5) में निदेशक का कार्यकाल पांच वर्ष निर्धारित है। नए संशोधन में उम्र सीमा को बढ़ाकर 70 साल या फिर पांच साल कार्यकाल, जो भी पहले पूरा हो, वह मान्य होगा।
बुंदेलखंड में खेती बढ़ाने को पैकेज की मंजूरी

प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड में खरीफ फसल के बोवाई क्षेत्रफल व उत्पादन में वृद्धि के लिए पैकेज को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसमें किसानों के लिए कई तरह की सहायता शामिल है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि पैकेज के अंतर्गत विभिन्न फसलों की उन्नतिशील प्रमाणित व संकर प्रजातियों के बीजों पर विशेष अनुदान बढ़ाया गया है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत कई तरह की सुविधाएं देने को मंजूरी दी गई है। किसानों को कृषि यंत्रों पर भी बड़ी मदद मिल सकेगी। राज्य सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि योगी सरकार बुंदेलखंड के किसानों की हर तरह की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।

ये सुविधाएं मिलेंगी
– किसानों को फांउंडेशन, सर्टिफाइड व संकर बीज पर 80 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।

– खरीफ-2018 में 68813 कुंतल बीज वितरण का लक्ष्य है। इसके अलावा सांवा, कोदो व कपास की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 133 कुंतल बीज के नि:शुल्क मिनीकिट उपलब्ध कराए जाएंगे।

– अन्ना पशुओं की समस्या के समाधान के लिए सरकार बुंदेलखंड में कलस्टर खेती को प्रोत्साहित करेगी। इसके लिए 50 हेक्टेयर तक के कलस्टर वाले फसलों की सुरक्षा के लिए बायोफेंसिंग की व्यवस्था में सरकार मदद करेगी। इसके लिए करौंदा, करौजी, अंगूर व नींबू आदि लगाने में मदद की जाएगी। इससे एक ओर फसल की रक्षा होगी दूसरी ओर किसानों को अतिरिक्त आमदनी हो सकेगी।

– वर्षा जल संचयन व सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लाभार्थी किसान को एक से अधिक खेत तालाब निर्माण की सुविधा दी जा सकेगी।

– स्प्रिंकलर सिंचाई मशीन के वितरण में खेत-तालाब के लाभार्थियों को प्राथमिकता मिलेगी।

– कलस्टर बनाकर खेती करने वालों को फार्म मशीनरी बैंक से मिलने वाले लाभ प्राथमिकता पर मिलेंगे। किसान कलस्टर बनाएंगे। 10 लाख तक के कृषि उत्पादन यंत्र पर 8 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा।
इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल को तोड़कर बनेगा बाल चिकित्सालय

राजकीय मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद के परिसर स्थित हॉस्टल को ध्वस्त करके बाल चिकित्सालय का भवन बनेगा। कैबिनेट ने फार्मेसी के इस पुराने छात्रावास को तोड़ने और बाल चिकित्सालय के भवन के निर्माण संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। ये भवन एसआरएन चिकित्सालय परिसर में स्थित है।

खादी विपणन विकास सहायता योजना की विसंगति दूर
कैबिनेट ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता योजना का क्रियान्वयन 16 अक्तूबर 2017 की जगह एक अक्तूबर 2017 से करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। योजना के तहत लाभ से जुड़े दावे त्रैमासिक आधार पर किए जाते हैं। पूर्व में माह के बीच से व्यवस्था लागू होने से योजना के तिमाही दावे प्राप्त करने की प्रक्रिया में मुश्किलें आ रही थीं।

अब मुफ्त में होगा पशुओं का बधियाकरण, लेवी शुल्क समाप्त
प्रदेश सरकार ने छुट्टा व गैर दुधारू पशुओं से बढ़ रही समस्या को देखते हुए नर पशुओं की नसंबदी से लेवी शुल्क हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वर्तमान में बधियाकरण के लिए प्रति बड़े पशु के लिए 10 रुपये व छोटे पशु के लिए 5 रुपये लेवी शुल्क लिया जाता है। इससे प्रदेश सरकार को प्रति वर्ष एक करोड़ 5 लाख 37 हजार रुपये की आय होती है। इससे छुटटा पशुओं में कमी आने और कृषि फसलों के नुकसान पर नियंत्रण की उम्मीद जताई गई है।

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