Friday, December 3, 2021 at 7:16 AM

दक्षिण भारत की युवती की गुजर-बसर का सहारा बना काशी का अस्सी घाट

वाराणसी:कंप्यूटर साइंस से ग्रेजुएट और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाली दक्षिण भारत की स्वाति की किस्मत ने ऐसा पलटा खाया कि वह काशी के अस्सी घाट पर भीख मांग कर गुजर-बसर करने को विवश है। स्वाति की फर्राटेदार इंग्लिश सुन कर एक युवक ने उसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया तो वह इन दिनों सुर्खियों में है। हालांकि एक दुकान खोल कर जिंदगी की गाड़ी को पटरी पर लाने का ख्वाब देख रही स्वाति की मदद के लिए अभी किसी ने हाथ नहीं बढ़ाया है।

स्वाति के अनुसार वह तिरुपति बालाजी की रहने वाली है। उसने कंप्यूटर साइंस से बीएससी किया था। 2011 में उसकी शादी हुई और पति के साथ वह अच्छे से रह रही थी। पहला बेटी पैदा हुई तो उसके शरीर का दायां हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। इसके बाद से ही उसे ससुराल वाले प्रताड़ित करने लगे। इसके बाद उसने एक बेटे का जन्म दिया। हालांकि प्रताड़ना का सिलसिला नहीं थमा। दोनों बच्चों को घर पर ही छोड़ कर एक दिन उसका पति उसे वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर छोड़ कर चला गया। पति ने कहा था कि जाओ यहीं रहना। काशी में मरने से मोक्ष मिलता है।

स्वाति ने बताया कि अस्सी घाट पर ही रहने वाले गोपाल से उसने दूसरा विवाह किया। क्योंकि उसने उसे गंगा में कूद कर जान देने से बचाया था। दूसरी शादी के बाद एक बेटी पैदा हुई जो जन्म लेने के 57 दिन बाद मर गई। स्वाति ने कहा कि वह एक दुकान खोलना चाहती है और जो उसकी मदद करेगा वह उसकी फोटो की पूजा करेगी। स्वाति इस बात से दुखी भी है कि वह एक अरसे से लोगों की मदद गुहार लगा रही है लेकिन किसी ने हाथ नहीं बढ़ाया।वहीं, जिस युवक ने सोशल मीडिया पर स्वाति का वीडियो पोस्ट किया है उसने अपील की है कि लोग जरूरतमंद युवती की मदद के लिए आगे आएं। लोगों की मदद से पढ़ीलिखी और जानकार युवती अपने पैरों पर खड़ी होकर अपनी जिंदगी की शुरूआत नए सिरे से कर सकेगी।