Saturday, November 27, 2021 at 4:23 AM

तीनों दोषियों को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत

शक्ति गैंगरेप केस के तीन दोषियों को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने तीन दोषियों की मौत की सजा को उम्र कैद में बदलने का फैसला सुनाया है। तीनों दोषियों को आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। जस्टिस एसएस जाधव और जस्टिस पृथ्वीराज चौहान की बेंच ने उनकी सजा कम करने का फैसला सुनाया। बता दें कि साल 2014 में मुंबई सेशन कोर्ट ने तीनों आरोपियों विजय जाधव, कासिम बंगाली और सलीम अंसारी को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। शक्ति मिल गैंगरेप के 2 मामले थे। पहला मामला महिला फोटो जर्नलिस्‍ट के साथ गैंगरेप का था। दूसरा एक महिला टेलीफोन ऑपरेटर से गैंगरेप का। दोनों मामलों में 5 दोषी थे, जिसमें 1 नाबालिग था। दोनों मामलों के तीन दोषी कॉमन थे। साल 2013 के 22 अगस्त को महिला फोटो जर्नलिस्ट के साथ महालक्ष्मी स्थित शक्ति मिल कंपाउंड में शाम के समय गैंगरेप हुआ था। मामला सामने आने के बाद अगले ही दिन यानी कि 23 अगस्त को पहला आरोपी गिरफ्तार हुआ, जो कि नाबालिग था। 24 अगस्त गैंगरेप में शामिल दूसरा आरोपी विजय जाधव और तीसरा आरोपी सिराज रहमान उर्फ सिरजू की भी गिरफ्तारी हुई थी। चौथा आरोपी कासिम बंगाली 25 अगस्त को गिरफ्तार हुआ। 25 अगस्त को ही पांचवां और मुख्य साजिशकर्ता मोहम्मद सलीम अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया।3 सितंबर 2013 को एक और रेप का मामला सामने आया। पीड़िता 19 साल की टेलीफोन ऑपरेटर थी। उसने पुलिस को बताया कि 31 जुलाई को उसके साथ भी पांच लोगों ने गैंगरेप किया, जिसमें पहले से गिरफ्तार तीन आरोपी शामिल थे। चार सितंबर को आइडेंटिफिकेशन परेड कराई गई, जिसमें सभी आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद 19 सितंबर 2013 को मुंबई क्राइम ब्रांच ने तकरीबन 600 पन्ने की चार्जशीट दायर की। 20 मार्च 2014 को मुंबई सेशंस कोर्ट ने सभी चारों आरोपियों को गैंगरेप का दोषी पाया। 4 अप्रैल 2014 को तीन रिपीट ऑफेंडर्स को फांसी जबकि बाकी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।