Monday, December 6, 2021 at 4:24 AM

संस्कृत भाषा के आदि कवि थे महर्षि वाल्मीकि’

मथुरा। देववाणी संस्कृत भाषा के आदि कवि आदि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती के अवसर पर संस्कृत भारती मथुरा महानगर द्वारा महानगर अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर की अध्यक्षता में विचार गोष्ठी एवं पुष्पांजलि का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर गोष्ठी के मुख्य वक्ता संस्कृत भारती ब्रज प्रान्त के मंत्री डॉ धर्मेन्द्र कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि जी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी के माध्यम से गृहस्थ धर्म, राज धर्म तथा प्रजा धर्म आदि के विषय में जन सामान्य को ज्ञान दिया है। उन्होंने कहा देवर्षि नारद जी की प्रेरणा व परमपिता ब्रह्मा जी के आशीर्वाद और मां सरस्वती जी की कृपा से डाकू रत्नाकर महर्षि वाल्मीकि बन गए उनके द्वारा रचित रामायण आज सम्पूर्ण विश्व में संस्कृत के सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ के रूप में माना जाता है।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने जानकारी देते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण में चौबीस हजार श्लोक हैं जिसके एक हजार श्लोक के बाद गायत्री मंत्र के एक अक्षर का संपुट लगा हुआ है। इसमें सात कांड,सौ उपाख्यान,पंच सौ सर्ग हैं जो अनुष्टप छंद में हैं। महर्षि वाल्मीकि जी ने जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में हमें रामायण के विभिन्न पात्रों के चरित्रों द्वारा अपनी रामायण आदि काव्य में साकार करके समझाया है। आज भी बाल्मिकी रामायण को भारत वर्ष में ही नहीं विश्व के अनेक देशों में श्रद्धा के साथ के साथ पढ़ा जाता है। पुष्पांजलि कार्यक्रम में ज्योतिषाचार्य कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में रहे।
गोष्ठी का शुभारंभ महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
महानगर मंत्री आचार्य मुरलीधर चतुर्वेदी द्वारा वैदिक व पौराणिक मंगलाचरण किया गया।शिक्षण प्रमुख हरिश्चंद्र जी द्वारा ध्येय मंत्र प्रस्तुत किया गया।
गोष्ठी का समापन प्रांतीय कार्यालय प्रमुख हरस्वरूप जी द्वारा कल्याण मंत्र से किया गया। प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी पार्षद द्वारा सभी सम्मानित अतिथियों व उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत भारती मथुरा महानगर संस्कृत भाषा को जन जन तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है जिससे हमें अपने धर्म ग्रंथों का अध्ययन करने व समझने में सुविधा मिल सके।
गोष्ठी का संचालन संस्कृत भारती मथुरा महानगर सहमंत्री अनुराग मिश्रा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कु.कोमल वर्माजी एवं  बृजप्रांत न्यास मंत्री गंगाधर अरोड़ा जी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।