सीतामढ़ी। हिमालय से निकलकर भारत में बहनेवाली लक्ष्मणा गंगा (लखनदेई) नदी की पुरानी धार तो अब पुनर्जीवित हो चुकी बस बच गई थोड़ी कसर भी जल्द पूरी होने को है उसके बाद कलकल जलप्रवाह आरंभ हो जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पहुंचने पर नए बने लिक चैनल में पानी आ गया। लखनदेई नदी की नई धार का छोटी भारसर ग्राम से दुलारपुर घाट तक लिक चैनल का निर्माण एवं पुरानी लखनदेई नदी की मृत धार का दुलारपुर से पीतांबरपुर ग्राम के निकट सोरम नदी के मिलन बिदु तक पुनस्र्थापन कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को उसका निरीक्षण किया। उनके साथ जल संसाधन मंत्री संजय झा भी थे। मौके पर सांसद सुनील कुमार पिटू, एमएलसी रेखा कुमारी, विधायक गायत्री देवी, विधायक दिलीप राय, विधायक पंकज कुमार मिश्रा, विधायक ईं. अनिल कुमार, जदयू के वरिष्ठ नेता व अधिवक्ता विमल शुक्ला, जदयू जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह कुशवाहा आदि मौजूद थे।

लखनदेई बचाओ संघर्ष समिति के डॉ.आनंद किशोर, राम शरण आग्रवाल, रामशंकर शास्त्री के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर अब थोड़ी-सी रुकावट रह गई है, जिसके दूर होते ही नदी अविरल बहने लगेगी। अभी जल प्रवाह में बॉर्डर रोड की बाधा को दूर किया जाना शेष है। प्राथमिकता के आधार पर इस रोड को तोड़कर पुलिया निर्माण पर काम हो भी रहा है। तत्काल ह्यूम पाइप लगाकर जलप्रवाह शुरू कराने की व्यवस्था में अभियंता लगे हुए हैं। बॉर्डर रोड के उच्चस्तरीय अधिकारी का आदेश प्राप्त होते ही कार्य पूरा हो जाएगा। और इस प्रकार बरसों की तपस्या पूरी होगी। मुख्यमंत्री नीतीश ने ही 2018 में इस नदी की उड़ाही का कार्य शुरू कराया

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