सीएम का क्षेत्र आगे, पीएम का पीछे!

रोडवेज बसों व रूटों की आनरोड चेकिंग के मामले में

एमडी डॉ. राजशेखर ने इनफोर्समेंट के बिंदु को लेकर बीते चार माह का प्रदेश के सभी 20 रीजनों का परफार्मेंस रिपोर्ट खंगाला

लखनऊ । सफर के दौरान यूपी रोडवेज बसों व रूटों पर आन रोड चेकिंग (इनफोर्समेंट) के मामले में सीएम योगी का गृह क्षेत्र गोरखपुर काफी आगे है, जबकि पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी इस नजरिये से पीछे की पायदान पर खड़ा है। इसका खुलासा तब हुआ जब उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के एमडी डॉ. राजशेखर ने इनफोर्समेंट के बिंदु को लेकर बीते चार माह का प्रदेश के सभी 20 रीजनों का परफार्मेंस रिपोर्ट खंगाला।

रोडवेज प्रवर्तन कार्य के मामले में पांच बेस्ट परफार्मेंस करने वाले रीजन में मेरठ, हरदोई, गोरखपुर, अलीगढ़ और इटावा शामिल है जबकि खराब प्रदर्शन करने वाले प्रमुख पांच रीजन देवी पाटन, अयोध्या, वाराणसी, झांसी और सहारनपुर है। एमडी के अनुसार जिन रीजन की प्रवर्तन टीम ने बेहतर कार्य किया है उन्हें प्रोत्साहित किया जायेगा तो खराब प्रदर्शन करने वाली रीजनल टीम को शो कॉज नोटिस जारी होने के साथ ही उनके वेतन से कटौती भी की जा सकती है।
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आरटीओ में बिना अनुमति के हड़ताल, आवेदक हलकान

लखनऊ। टीपीनगर आरटीओ कार्यालय परिसर में बीते दो दिनों से अवध ट्रक आॅपरेटर ओनर्स वेलफेयर एसो. के बैनर तले सांकेतिक भूख हड़ताल चल रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्मवीर सिंह आजाद के अनुसार ट्रांसपोर्टरों की सात सूत्री मांगों को लेकर यह हड़ताल की जा रही है। हालांकि गौर करने वाली बात यह है कि आरटीओ परिसर में इस हड़ताल के लिए उन्हें स्थानीय प्रशासन की अनुमति नहीं मिली है। वहीं एआरटीओ प्रशासन संजय कुमार तिवारी ने कार्यालय परिसर में कानून-व्यवस्था बनाये रखने के मद्देनजर इस बाबत एक सूचना पत्र जिलाधिकारी के नाम प्रेषित कर दिया है। सवाल तो यह भी उठता है कि जब अनुमति ही नहीं मिली तो किस तरह एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कार्यालय परिसर की पार्किंग एरिया में बकायदा अस्थायी प्रदर्शन स्थल बना रखा है। ऐसे में उन आवेदकों को भी काफी दिक्कतें हो रही हैं, जो डीएल या वाहन टैक्स संबंधी कार्याें के लिए आरटीओ आ रहें और उन्हें वाहन पार्किंग के लिए समुचित स्थान नहीं मिल पा रहा है।

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