उत्तर प्रदेशहापुड़

कर्जा माफ़ नहीं हुआ तो किसान ने फांसी लगाकर दी जान

हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के लुहारी गांव में अन्न दाता योगेश ने फसल नष्ट और कर्जे के परेशान होकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि यूपी सरकार द्वारा किसान का कर्जा माफ़ नहीं होने से किसान टेंसन में भी चल रहा था। किसान योगेश का शव आज सुबह लुहारी गांव के जंगल में पेड़ से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गयी और मामले की जाँच में जुट गयी।

कर्ज माफ़ ना होने ने टेंशन में था किसान
जानकारी के अनुसार, बहादुरगढ़ के गांव लुहारी निवासी किसान योगेश पुत्र छोटे सिंह (40) ने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। किसान का शव जंगल में शीशम के पेड़ से लटका मिला। योगेश करीब चार बीघा जमीन का छोटा सा किसान था। एक वर्ष पूर्व बेटी अंजली की शादी की थी और दो बेटे अभिषेक और अभिलाश जिनकी पढ़ाई-लिखाई में खर्चे के चलते योगेश ने सर्व यूपी ग्रामीण बैंक लुहारी और साधन सहकारी समीति सालारपुर से कर्ज लिया था। बड़े बेटे अभिषेक जो बीए का छात्र है ने बताया कि उन्होंने एक वर्ष पूर्व बहन अंजली की शादी की थी।

प्रदेश सरकार की कर्ज माफी में कर्जा माफ न होने से उनके पिता टेंसन में चल रहे थे। वहीं साघन सहकारी समीति वाले पैसा जमा करने का दवाब बना रहे थे। जिसके चलते घर में परिजनों पर खर्च के लिये चिड़चिड़े स्वभाव से रहते थे। घर के किसी कार्य के लिए पैसों की जरूरत पूरी न होने के चलते दो दिन पूर्व सोमवार को घर से निकल गये। काफी तलाश के बाद जब पता नहीं चला तो खेतों की तरफ बुधवार की सुबह तलाशने के लिये निकले। परिजन जहां अपने खेत के बगल वाले रामपाल सिंह के ईख के खेत में खड़े शीशम के पेड से योगेश का शव लटका देखते ही भाई हरेन्द्र की चीख निकल गयी।

सभी तलाश करने वालों को शोर मचाकर बुलाया योगेश का शीशम के पेड़ से लटका शव मिलने की सूचना पर गांव में हडकम्प मच गया। जहां भाकियू नेता सतबीर चौधरी और परवेज मौके पर पहुंचे जिन्होंने पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी। घटना की जानकारी पर एसआई अशोक कुमार राठी मय पुलिस फोर्स के घटना स्थल पर पहुंचे और शव को पेड़ से उतरवाकर कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया।

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