Wednesday, December 8, 2021 at 3:55 PM
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भजन-कीर्तन करते अहिल्या धाम पहुंचा साधु-संतों का जत्था

बक्सर: रामरमेखाघाट पर स्नान आदि के बाद गंगा मइया व भगवान श्री रामेश्वरनाथ की पूजा आरती की गई, फिर जयघोष के साथ पंचकोशी का श्रीगणेश करते हुए परिक्रमा यात्री अहिरौली के लिए रवाना हो गए। धर्माचार्यों की अगुवाई में भजन-कीर्तन करते अहिल्या धाम पहुंचे साधु संतों का वहां फूल मालाओं व तिलक लगाकर स्वागत किया गया। साधु-संत मंदिर में जाकर मां अहिल्या का दर्शन व पूजन किए तथा पुआ-पकवान के भोग का प्रसाद ग्रहण कर रात्रि विश्राम किए।

पंचकोशी परिक्रमा मार्गशीर्ष (अगहन) मास की कृष्णक्ष पंचमी से से शुरू होती है तथा दशमी तिथि को संपन्न की जाती है। पांच दिनों की परिक्रमा में अलग-अलग जगहों पर विभिन्न प्रकार के भोजन बनाकर भगवान को भोग लगाया जाता है तथा पारंपरिक व्यंजन का प्रसाद बनाकर खाने के साथ रात्रि विश्राम की जाती है। क्योंकि भजन-कीर्तन के बीच रात्रि विश्राम से ही पंचकोशी परिक्रमा का पुण्य मिलता है। इस मौके पर छोटी मठिया के महंत श्री अनुराग दास जी महाराज, बसांव मठ के सुदर्शनार्चाय ‘भोला जी पं. छविनाथ त्रिपाठी, आचार्य श्री कृष्णानन्द जी पौराणिक के अलावा पंचकोशी परिक्रमा समिति के संयुक्त सचिव व अधिवक्ता सूबेदार पाण्डेय, सुरेश राय, रोहतास गोयल, चंद्रभूषण ओझा, परशुराम चतुर्वेदी, संजय ओझा, जगदीश त्रिपाठी, कृष्णकान्त ओझा व जगदीश पाण्डेय विद्यार्थी व बड़ी सुख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।