बिलग्राम,पटरी दुकानदारों का दर्द सुनकर दंग हूं :-अनुराग मिश्रा

बिलग्राम।हरदोई।वैसे तो नगर में कई पार्टियों के दिग्गजों का निवास भी है।जबकि कई लोगों द्वारा स्थानीय राजनीति में हर वक्त भूचाल पैदा करने की आदत भी पड़ी है।लेकिन जब गरीबों व असहायों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ कोई मुहिम शुरू करने की कोशिश की बात होती है तब यही चंद फिरकापरस्त लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए गरीबों के ऊपर होने वाले हर जुल्म पर खामोशी से बैठ जाते हैं।कुछ यही विचार बिलग्राम -मल्लावां के पूर्व विधायक पद प्रत्याशी अनुराग मिश्रा ने नगर में पटरी दुकानों के जरिए दो वक्त की रोटी के लगातार कई वर्षों से संघर्ष रत लोगों को दशा देखकर व्यक्त किए।जिनसे मिलकर पटरी गरीब दुकानदारों की आंखों में रहम की भीख नजर आई।मालुम हो नगर में पालिका प्रशासन के पास पर्याप्त नजूल भूमि होते हुए भी आज तक कोई बड़ी मार्केट नहीं बनाई गई।ऊपर से अतिक्रमण के नाम पर हर साल सड़क किनारे रोजी रोटी कमाने के लिए गरीबों के रोजगार के साधन हटा दिया गया।यही कार्यवाही पुलिस विभाग को साथ लेकर पालिका प्रशासन द्वारा कुछ माह पूर्व बड़े स्तर पर की गई।उस समय तत्कालीन ईओ मीनू सिंह द्वारा की गई अतिक्रमण हटाने के तौर तरीकों पर भी सवाल खड़े हुए थे।लेकिन प्रशासनिक शख्ती के कारण गरीबों की आवाज दबा दी गई।लेकिन जब बिलग्राम के पूर्व विधायक धर्मज्ञ मिश्रा के पुत्र अनुराग मिश्रा जो माधोगंज नगर पंचायत के चेयरमैन भी हैं।उनसे पटरी दुकानदारों ने अपनी व्यथा कही तो वह भी दंग रह गए।पीड़ितों का कहना था कि प्रशासन द्वारा जब चाहे उन्हें बेइज्जत किया जाता है।जबकि नगर में एकमात्र सदर बाजार रोड व कटरा बिल्हौर मार्ग पर सड़क किनारे वह लोग फलों के ठेले लगाकर परिवार की गुजर करते हैं।जो पुलिस द्वारा आए दिन हटवाने के कारण भुखमरी के कगार पर खड़े हैं।वहीं अन्य कस्बों में भी अतिक्रमण हटाया गया जिसमें पटरी दुकानों के लिए एक सीमा तय की गई।लेकिन नगर के साथ प्रशासन द्वारा सौतेला व्यवहार किया गया।जिस पर स्थानीय राजनीतिज्ञों द्वारा उस मुश्किल समय में प्रशासन द्वारा किये गए दुर्व्यवहार की आलोचना तक नहीं कि गई।जो पटरी दुकानदारों ने अपने साथ अन्याय बताया।कुछ ऐसे ही आरोप लगाते हुए श्री मिश्रा से उनकी रोटी रोजी के लिए निर्धारित जगह दिलवाने की मांग की।
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