लखनऊ

उपनिरीक्षक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की खुली सतर्कता जांच की प्रमुख सचिव गृह से मांग

लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ के थाना मडियांव की चौकी केशव नगर के प्रभारी प्रमोद कुमार यादव (उपनिरीक्षक) पर विगत कई वर्षों से अपने पुलिस पद का दुरुपयोग करके फर्जी ऍफ़.आई.आर. लिखने, गलत विवेचना द्वारा बेगुनाहों के खिलाफ झूंठी चार्जशीट तैयार करने, अपनी तैनाती के क्षेत्र में अवैध कब्जे और अतिक्रमण कराने तथा शिकायतों का गलत निस्तारण करने जैसे अनेकों गैरकानूनी काम करने का आरोप लगाते हुए सूबे के प्रमुख सचिव गृह से शिकायत की गई है और उपनिरीक्षक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की खुली सतर्कता जांच की मांग उठाई गई है।

यह शिकायत तहरीर TAHRIR (Transparency, Accountability & Human Rights’ Initiative for Revolution – पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकार क्रांति के लिए पहल) नाम की संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय शर्मा द्वारा की गई है। संजय ने बताया कि तहरीर भारत में लोक जीवन में पारदर्शिता संवर्धन, जबाबदेही निर्धारण और आमजन के मानवाधिकारों के संरक्षण के हितार्थ जमीनी स्तर पर कार्यशील पंजीकृत संस्था है। संजय ने बताया कि संस्था की भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन 7991479999 पर बताया गया कि प्रमोद द्वारा ये सब गैरकानूनी काम या तो घूस लेकर किये जा रहे हैं अथवा लखनऊ में बने रहने के लालच में उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर किये जा रहे हैं।

संजय ने बताया कि उन्होंने प्रमुख सचिव से अनुरोध किया है कि वे प्रमोद कुमार यादव उपरोक्त की आय से अधिक संपत्ति के सम्बन्ध में तत्काल खुली सतर्कता जांच संस्थित करें और खुली सतर्कता जांच के परिणाम के आधार पर यथावश्यक प्रमोद को निलंबित करते हुए विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ-साथ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर विधिक कार्यवाही करायें।

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