पालीगंज में नक्सलियों के ख़िलाफ़ ऑपरेशन रेड के पूर्व डीएसपी ने बंद करा दिया था सारे मोबाइल

तीन दिनों बाद पुलिस को मिली बड़ी सफलता ,कुख्यात जुम्मन और 11 गिरफ्तार

>> देशी पिस्टल-6 ,ट्रीनट-1 ,कारतूस-20 बरामद

>> 17 सीएलए, अपहरण ,रंगदारी, गोलीबारी सहित दर्जनों मामले हैं पूर्व से दर्ज

>> गिरफ्तार सभी के खिलाफ एक्साइज एक्ट के तहत होगी एफआईआर – एसएसपी

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । पालीगंज में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन रेड करने के पूर्व डीएसपी मनोज कुमार पांडे ने सारे पुलिसकर्मी का मोबाइल स्वीच ऑफ करा रख लिया और फिर रणनीति बनाई । छापेमारी करने के लिए डीएसपी मनोज कुमार पांडे ,एसटीएफ वाला फर्मुला अपनाया । खिड़ी मोड़ थाने से जमारू गांव सीधे रास्ते न जाकर खेत -खेत निकल पड़े और जुम्मन मियां जहां नरसंहार करने की प्लानिंग बना रहा था घेर लिया । पुलिस की भनक लगते ही मुस्तफा उर्फ जुम्मन खां और इसके आदमियों ने गोलीबारी शुरू कर दिया । पुलिस ने भी जबाबी कार्रवाई में आत्म सुरक्षार्थ गोलीबारी शुरू कर दिया । अपने को कमजोर पाकर अपराधियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया ।
       जुम्मन मियां के गिरफ्तारी की सूचना गांव वाले को जैसे ही लगी उसके समर्थकों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दिया ।महिलाएं भी आगे आने की सोची । डीएसपी मनोज पांडे ने सूझ-बुझ का परिचय देते हुये एसएसपी गरिमा मलिक को घटना की जानकारी दिया ।एसएसपी गरिमा मलिक ने एएसपी ऑपरेशन अनिल कुमार को सपोर्ट के लिए देर रात ही घटना स्थल पर भेजा । दो घंटे तक पुलिस और जुम्मन खां के समर्थकों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही । पुलिस ने चेतावनी दिया की जो भी पुलिस कार्रवाई का विरोध करेंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी । इसके बाद सभी पीछे हटे।

तीसरे दिन के बाद मिली बड़ी सफलता

जुम्मन खां ,इन दिनों गांव में आया हुआ था । मछली मारने को लेकर मूंछ की लड़ाई बन गयी थी। डीएसपी मनोज कुमार पांडे को जुम्मन के गतिविधियों के बारे में सूचनाएं मिल रही थीं । दो दिन खाली हाथ लगा, इसपर डीएसपी को अंदेशा हुआ की किसी तरह अपराधियों के पास पुलिस कार्रवाई की भनक लग जा रही हैं ।इसके बाद डीएसपी ने मोबाइल स्वीच ऑफ करने की रणनीति अपनाया और सफलता मिल गयी ।

दूसरे जिले भी जुड़े है तार-एसएसपी

एसएसपी गरिमा मलिक के अनुसार कुख्यात जुम्मन खां के साथ ही मो आजाद, शैलेन्द्र कुमार ,अरमान खां ,मो सरफुद्दीन, मो शकील ,अब्दुल अहद, मो मुजफ्फर खां, मो अमानुल्लाह, मो शहजाद, मो सज्जाद, सुरेश सिंह गिरफ्तार हुये हैं । इनके पास से पुलिस ने 6 देशी कट्टा, एक ट्रीनट, 20 कारतूस बरामद हुआ हैं ।गिरफ्तार अपराधियों पर जहानाबाद, अरवल, पटना जिले में केस दर्ज हैं । एसएसपी गरिमा मलिक बताई की एक्साइज एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर अलग से भी कार्रवाई की जाएगी ।

जुम्मन खां से ऐसा था दहशत की लगाता था दरबार

जुम्मन खां कोई मामूली अपराधी या नक्सली नहीं था बल्कि दो दर्जन गांव में अपरोक्ष रूप से सरकार चलाता था। कोई एेसा कारोबारी नहीं जो रंगदारी नहीं दिया हो। पुलिस ने जब जुम्मन को गिरफ्तार किया था तो कोई जब्ती सूची पर दस्तखत करने को तैयार नहीं हो रहा था। इमामगंज बाजार में जमीन खरीद ,मकान निर्माण ,या सरकारी ठेकेदारी का मामला हो सबको देना पड़ता था।इसके अलावा पंचयती कर अपना हिस्सेदारी वसूल करता था क्या मजाल की कोई बात टाल दें।
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