राजधानी में स्वाइन फ्लू के अब तक 111 मामले

पुलिस विभाग के डीजी और बच्चे सहित आठ लोगों को स्वाइन फ्लू,स्वास्थ्य विभाग नहीं हो रहा गंभीर

लखनऊ। राजधानी में स्वाइन फ्लू का कहर जिस तेजी से बढ़ रहा है उसे देखकर भले ही स्वास्थ्य विभाग गंभीर होने की बात कर रहा हो लेकिन उसकी गंभीरता जमीनी स्तर पर शून्य ही दिखाई दे रही है। बता दें कि आज राजधानी में पुलिस विभाग में एक डीजी और बच्चे सहित आठ लोगों की जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। वहीं इनमें से एक मरीज अन्य जनपद का है। गंभीर दो मरीज पीजीआई तथा निजी अस्पताल में भर्ती हैं।राजधानी में स्वाइन फ्लू के अब तक 111 मामले आ गए हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी के मुताबिक आलमबाग गीतापल्ली के ढाई माह के मासूम को पीजीआई में हुई जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।

ट्रांसगोमती में आज पांच मामले सामने

इनमें से महानगर निवासी पुलिस विभाग के एक डीजी (55) को भी स्वाइन फ्लू हुआ है। इन्दिरा नगर की एक वृद्धा (66), त्रिवेणी नगर के युवक (26), अलीगंज सेक्टर ई के व्यक्ति (55), चौक की महिला (53), हसनगंज केशरीपुर के पुरुष (58) स्वाइन फ्लू से पीडि़त है। इसमें से चौक की महिला पीजीआई और अलीगंज के पुरुष अपोलो मेडिक्स में भर्ती है। वहीं बरेली के युवक (35) को भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी ने बताया कि स्वाइन फ्लू में मरीज को सर्दी, जुकाम, गले में खरास एवं बुखार होता है। आंखों में तेज जलन, पानी आता है। गले में दर्द के साथ सांस लेने में तकलीफ होती है।

छींकते समय टिशू पेपर से नाक को ढकें

डिप्टी सीएमओ ने बताया कि छींकते समय टिशू पेपर से नाक को ढकें, फिर उस पेपर को कचरे में फेंकने के बजाए सावधानी से नष्ट कर दें। हाथों को लगतार साबुन से धोते रहें। घर और ऑफिस के दरवाजों के हैंडल, कीबोर्ड, मेज आदि साफ करते रहे।

उन्होंने बताया कि यदि आपको जुकाम के लक्षण दिखाई देते हैं तो घर से बाहर ना जाएं। दूसरों के नजदीक न जाएं। यदि आपको बुखार आया हो तो उसके ठीक होने के 24 घंटे बाद तक घर पर रहें। लगातार पानी पीते रहे, जिससे डिहाईड्रेशन न हो सके। जहां तक संभव हो फेसमास्क पहनें। जिन्हें सांस की बीमारी दमा है। जो लोग दिल, लिवर, न्यूरोलॉजी की बीमारी है। जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें स्वाइन फ्लू का खतरा ज्यादा है

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