जानकीपुरम स्थित आईईटी से पढ़ाई कर रही बीटेक छात्रा की गला काटकर बेरहमी से हत्या

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम स्थित आईईटी से बीटेक तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही देवरिया की छात्रा गरिमा सिंह (19) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। वह सोमवार रात करीब सवा नौ बजे लखनऊ आने को कृषक एक्सप्रेस में बैठी थी। मंगलवार सुबह करीब सात बजे उसका शव जीआरपी मनकापुर चौकी के बभनान स्टेशन पर पड़ा मिला। गरिमा का गला धारदार हथियार से काटा गया था। परिवारीजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस इसे हादसा मान रही है। छात्रा के पिता रमेश सिंह देवरिया के भटनी थानाक्षेत्र के चंदौली छावनी गांव के रहने वाले हैं। बताया कि छात्रा लखनऊ में रहकर इलेक्ट्रिकल से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी।

बीते दिनों ननिहाल में शादी में शामिल होने देवरिया आई थी। बकौल रमेश सिंह, रात करीब सवा नौ बजे वह बेटी को बेल्थरा रोड स्टेशन से कृषक एक्सप्रेस की सामान्य बोगी में बैठाकर आए थे। ट्रेन को मंगलवार सुबह छह बजे लखनऊ पहुंचना था। उन्होंने सुबह लगभग सात बजे बेटी का मोबाइल नंबर मिलाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर जीआरपी मनकापुर चौकी के प्रभारी रिजवान की कॉल आई। उन्होंने गरिमा की मौत की खबर दी। बताया कि गरिमा का शव बभनान स्टेशन के पूर्वी छोर पर पटरियों के किनारे पड़ा पाया गया। उसका गला कटा हुआ था। परिवारीजन मौके पर पहुंच गए।

शरीर पर नहीं मिली कोई चोट

रमेश सिंह का कहना है कि उनकी बेटी की किसी ने हत्या कर शव ट्रैक किनारे फेंक दिया। उन्होंने कोतवाली जीआरपी में अज्ञात के खिलाफ बेटी की हत्या कर शव ट्रैक पर फेंकने की तहरीर दी है। वहीं, प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह का कहना है कि गरिमा की हत्या नहीं, बल्कि ट्रेन से कटकर मौत हुई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। रमेश ने बताया कि गरिमा ट्रेन से अकेले ही लखनऊ से देवरिया आती-जाती थी। परिवारीजनों से उसने कभी भी किसी तरह की समस्या, झगड़े या खतरे की शिकायत नहीं की। सफर इतना सुरक्षित होता था कि परिवारीजन उसे फोन भी नहीं करते थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गरिमा के शरीर पर कोई चोट, रगड़ या खरोंच के निशान नहीं हैं। इससे साफ है कि उसके साथ कोई लड़ाई-झगड़ा, धक्का-मुक्की या खींचतान नहीं हुई। अगर उसकी मौत ट्रेन से गिरकर हुई होती तो हाथ-पैरों व शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें मिलतीं।

परिवारीजनों का शक है कि ट्रेन में ही उसे किसी ने जबरन या बहला-फुसलाकर उतार लिया होगा। इसके बाद हत्या कर दी होगी। हालांकि, परिवारीजनों ने किसी तरह की रंजिश या अन्य प्रकार के विवादों की बात से इनकार किया है। गरिमा की रहस्यमय हालात में हुई मौत को जीआरपी हादसा मानकर पल्ला झाड़ने की कोशिश में जुटी है, लेकिन कई सवाल हैं जिनके जवाब जानना बहुत जरूरी है। गरिमा की हत्या की गई? उसने खुदकुशी की या फिर वह किसी हादसे का शिकार हुई? तीनों बिंदुओं पर ही फिलहाल कुछ स्पष्ट नहीं है। गरिमा का शव बभनान स्टेशन पर जिस जगह मिला, वहां ट्रेन रात दो से ढाई बजे के आसपास पहुंचती है।

गरिमा ट्रेन में सवार थी तो आधी रात को नीचे क्यों उतरी? इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पोस्टमार्टम में उसकी गर्दन किसी धारदार हथियार से काटे जाने की बात सामने आई है। यानी कोई व्यक्ति ऐसा है जिसने उसे ट्रेन से उतारकर मारा है। पुलिस की खुदकुशी या हादसे की थ्योरी भी गले से नीचे नहीं उतर रही। खुदकुशी करने के लिए गरिमा को आधी रात को ट्रेन से उतरकर सुनसान स्थान पर पटरियों पर सिर रखना भी समझ से परे है। हादसे की बात पर भी इसलिए विश्वास करना मुश्किल है क्योंकि गरिमा ट्रेन से उतरकर वहां गई ही क्यों? परिवारीजनों का कहना है कि कुछ तो ऐसा हुआ है जिसे सिर्फ गरिमा जानती थी या फिर हत्यारा। पुलिस गरिमा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी खंगाल रही है।

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