कंडक्टरों का कारनामा, व्हाट्स ग्रुप से लगा रहें चूना

जीवन के कारनामे, आदमी खिलौना है, बागी बलिया जैसे प्रचलित नामों से बना रखा है ग्रुप

सिटी बस के बाद अब रोडवेज बसों में भी बेटिकट यात्रा कराने का नया फंडा

रवि गुप्ता

लखनऊ। जीवन के कारनामे, बागी बलिया, आदमी खिलौना है, बाबा नीम करौरी…ठहरिये इन नामों को अभी तक आप फिल्म, स्थान या धार्मिक स्थल के नाम के तौर पर जानते रहें, लेकिन अब इन्हीं प्रचलित नामों का इस्तेमाल यूपी रोडवेज के कंडक्टर निगम को चूना लगाने में कर रहे हैं। अभी ऐसे कुछ मामले सामने आये जिसमें कंडक्टरों ने इन चिर-परिचित नामों का कुछ व्हाट्स ग्रुप बना रखा है और इसमें उस रूट के सभी अलग-अलग डिपो के कंडक्टर से लेकर ड्राइवर तक को जोड़ रखा है। ऐसे में जहां और जब कभी आॅनरोड संचालित रोडवेज बसों की चेकिंग प्रवर्तन टीम करके जैसे ही आगे निकलती तो वहीं से अमुक कंडक्टर आगे वालों को अलर्ट करने के लिए तुरंत ही व्हाट्स ग्रुप पर मैसेज चला देता।

इसके तुरंत बाद ग्रुप से जुडेÞ सभी कंडक्टर जिन्होंने अपनी-अपनी गाड़ियों में जो भी बेटिकट यात्रा कराते आ रहे थे, वो बीच से यात्री का टिकट बना लेते ताकि बिना टिकट के मामले में फंसने से बच सकें।
ऐसा ही एक प्रकरण कैसरबाग डिपो की बस में देखने को मिला। वैसे बता दें कि अभी कुछ ही दिन पहले राजधानी में चल रही सिटी बसों में ऐसा प्रकरण प्रबंधन के समक्ष आया। इसमें सिटी बस कंडक्टर ने बाबा नीम करौरी से एक व्हाट्स ग्रुप बना रखा था और उपरोक्त तरीके से ही सिटी बस प्रबंधन को आर्थिक चूना लगाते आ रहा था। वहीं उसके दिन-प्रतिदिन घटते लोड फैक्टर के मद्देनजर जब उस पर संदेह हुआ तो सिटी बस एमडी ने मौके पर ही उसका मोबाइल चेक किया तो उसमें ऐसा ग्रुप बना था जिसें अधिकतर सिटी बस कंडक्टर जुडेÞ थे और ऐसे ही बेटिकट यात्रा कराकर अपनी जेबें गर्म करने में लगे हुए थे। अब सिटी बस के बाद यूपी रोडवेज की बसों में भी इसी प्रकार कुछ कंडक्टरों का समूह बेजां तरीके से अपनी मुठ्ठी गर्म करने में लगा हुआ है।

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