ऑर्डर कैंसिल करके पैकिंग के डिब्बे में कबाड़ भरकर वापस कर करोड़ों रुपये की ठगी, 4 गिरफ्तार

लखनऊ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ कलानिधि नैथानी के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत साइबर क्राइम सेल हजरतगंज की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर सेल की टीम ने सीओ हज़रतगंज अभय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में अमेज़न ई- कॉमर्स कंपनी से सामान बुक करके फिर ऑर्डर को कैंसिल करके पैकिंग के डिब्बे में कबाड़ भरकर वापस करके करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बुंदेलखंड के गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के पास से नगदी समेत भारी मात्रा में इलेक्ट्रिक उपकरण व अन्य सामान भी बरामद हुआ है। पुलिस अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम सेल नन्दलाल, उपनिरीक्षक राहुल सिंह राठौर, कृष्णकांत सिंह, साइबर क्राइम सेल के हेड कांस्टेबल फिरोज बदर, कांस्टेबल अखिलेश कुमार सिंह, शरीफ खान, सन्तोष कुमार गौतम, मनवीर, हरि किशोर और अर्चित ने अहम भूमिका निभाई।

एएसपी पूर्वी सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि अमेज़न कम्पनी से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले बुंदेलखंड के गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार करने में पुलिस ने सफलता हासिल की है। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि सबसे पहले हम लोगों द्वारा अमेजॉन कंपनी की वेबसाइट पर ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक्स की सामान जैसे महंगे ब्रांडेड कंपनियों के पंखे, टेबल फैन, सीलिंग फैन, माइक्रोओवन, हेवेल्स के पॉलिकैप वायर, उषा कंपनी के पंखे, ग्लेन कंपनी के गैस चूल्हा, फिलिप्स की एलईडी लाइट आदि को बुक किया जाता था।फिर इन सामानों की डिलीवरी विभिन्न शहरों पर ली जाती थी। एएसपी ने बताया कि क्योंकि कंपनी की पॉलिसी है कि यदि कस्टमर को प्रोडक्ट पसंद नहीं आता तो वह सामान को वापस कर सकता है। इस पर कंपनी की इस पॉलिसी का लाभ लेते हुए अभियुक्तों द्वारा कंपनी की उसी पैकेट में डुप्लीकेट कबाड़/सामान वापस कर दिया जाता था। जिसके कारण कंपनी द्वारा यह प्रोडक्ट को कैंसिल कर दिया जाता था। वह कंपनी द्वारा ऑर्डर होने के बाद उस प्रोडक्ट की कीमत वापस हो जाती।

साइबर क्राइम सेल के नोडल अधिकारी और सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि सूचना के आधार पर प्रकरण की गिरफ्तारी के संबंध में मैनेजर इन्वेस्टिगेशन टीम अमेज़न जय सोनी व जितेंद्र सैनी (एड.) अमेजॉन कंपनी द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी से संपर्क कर प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बाद उनके आदेश पर एसपी पूर्वी सुरेश चंद्र रावत के निर्देश के अनुसार क्षेत्राधिकारी हजरतगंज के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज राधा रमण सिंह तथा साइबर क्राइम सेल हजरतगंज की संयुक्त टीम गठित की गई। जिसके उपरांत साइबर क्राइम सेल व सर्विलांस के तकनीकी का प्रयोग करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की गई। अभियुक्तों ने बताया कि इस अपराध में हम लोग 2014 से कार्यरत हैं। अब तक हम लोगों द्वारा करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का काम किया जा चुका है। यह काम हम लोगों द्वारा लखनऊ, कानपुर, मथुरा, वृंदावन अन्य महानगरों में किया जाता था। जहां पर काम करते थे उस महानगर का एक लोकेशन पता करना हमसे बुकिंग के लिए फर्जी सिमकार्ड एक्टिवेट करवाकर, फर्जी ईमेल आईडी का उपयोग करते हैं। एक शहर में 10-15 लाख रुपये के सामान की जालसाजी करके हम लोग निकल जाते थे।

इन आरोपियों की हुई गिरफ़्तारी, ये सामान हुआ बरामद
लखन गुप्ता पुत्र रामकुमार गुप्ता, शिक्षा- इंटर, निवासी 151 रावगंज कालपी जालौन। देवेश सिंह पुत्र सरनाम सिंह, शिक्षा- बीएससी, निवासी नामगंज कालपी जालौन। आदित्य बाजपेई पुत्र विनोद कुमार बाजपेई, शिक्षा- एमकॉम, निवासी 10 रावगंज कालपी जालौन।
रोहित सिंह पुत्र नरेंद्र प्रताप सिंह, निवासी रामगंज कालपी जालौन। अभियुक्तों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के सात मोबाईल फोन, दो लैपटॉप, दो वाईफाई डिवाइस, 8 ऊषा एयरमैक्स के टेबल फैन, एक ग्लेन कंपनी का गैस चूल्हा, एक मर्फी रिचर्ड माइक्रोओवन, दो हेवेल्स सीलिंग फैन, दो पोलिकैब वायर, 9 पैकेट फिलिप्स एलईडी बल्ब, एक अमेज़न प्रिंटेड टेप, 2 पैकेट अमेज़न पॉलीपैक बरामद हुआ।

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