लोहिया में फर्श पर बिखरी पड़ी सर्जिकल उपकरण और ग्लूकोज की बोतलें

भीषण गर्मी में एसी, कूलर बंद

इमरजेंसी से लेकर सामान्य वार्ड तक पंखे के सहारे मरीज

लखनऊ। प्रदेश सहित राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। भीषण गर्मी के बावजूद भी अस्पतालों में लगे एसी, कूलर काम नहीं कर रहे हैं। मामला गोमती नगर स्थित लोहिया अस्पताल का है जहां गर्मी के चलते मरीज बेहाल हो रहे हैं। अस्पताल में एसी काम नहीं कर रहा है। इमरजेंसी से लेकर सामान्य वार्ड तक में मरीज गर्मी में पंखे के सहारे हैं। लंबे समय से यहां सेंट्रलाइज्ड एसी का काम चल रहा है, लेकिन अभी तक ठेकेदार और लोहिया अस्पताल प्रशासन के अफसरों की लापरवाही से काम पूरा नहीं किया जा सका है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।

भीषण गर्मी में एसी न चलने से मरीजों के साथ तीमारदार भी परेशानी

अस्पताल में फर्श पर सर्जिकल उपकरण और ग्लूकोज की बोतलें भी बेतरतीब तरीके से पड़ी मिली हैं। अस्पताल प्रशासन एसी न चलने और फर्श पर ग्लूकोज की बोतल पड़े होने की बात से इनकार किया है। लोहिया अस्पताल में इमरजेंसी से लेकर सामान्य, महिला समेत अन्य वार्ड में एसी बंद है। वार्ड में पंखे भी धीमी गति से चल रहे हैं। मरीज वार्ड में दरवाजा, खिड़की खोलकर गर्मी से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं। भीषण गर्मी में एसी न चलने से मरीजों के साथ तीमारदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

 ग्लूकोज की बोतल खराब होने का खतरा

तीमारदारों ने बताया कि काफी समय से सभी जगह एसी लगाने का काम चल रहा है। इस वजह से एसी नहीं चल रहे हैं। लगातार गर्मी बढ़ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी ऑपरेशन कराने वाले मरीजों, महिलाओं और बच्चों को है। फर्श पर पड़ी ग्लूकोज की बोतल अस्पताल की इमरजेंसी में ग्लूकोज की बोतलें फर्श पर पड़ी हुई हैं। इससे ग्लूकोज की बोतल खराब होने का खतरा भी है। वहीं, फर्श पर ही मरीजों को लगाए जाने वाले सर्जिकल आइटम भी पड़े रहते हैं। इससे मरीजों को संक्रमण फैलने का खतरा अधिक होता है।

डॉ. देवेंद्र सिंह नेगी, निदेशक, लोहिया अस्पताल
अस्पताल में निर्माण एजेंसी द्वारा सेंट्रलाइज्ड एसी लगाने का काम किया जा रहा है। वार्ड में विंडो एसी भी लगे हुए हैं, जो कि चल रहे हैं। वहीं, ग्लूकोज की बोतल इमरजेंसी वार्ड में स्टोर से लाकर फर्श पर इसलिए रखी गई थीं कि उन्हें मिलान करके रैक में लगाया जाना

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