नेट बैंकिंग करते समय ध्यान रखें ये बाते, नहीं होगा कोई फ्रॉड

इस डिजिटल युग में हर काम ऑनलाइन होने लगा है। फूड से लेकर फर्नीचर तक सब कुछ ऑनलाइन ही खरीदा जा रहा है। इन सब कार्यों में भारी तादात में लोग नेट बैंकिंग का प्रयोग करते हैं। अपने बैंक अकाउंट से जुड़े अन्य कामों के लिए आज लोग बैंक में नहीं जाते बल्कि नेट बैंकिंग से ही निपटा देते हैं। जहां एक तरफ नेट बैंकिंग से सहूलियत मिल रही है तो दुसरी तरफ नेट बैंकिंग के दौरान छोटी सी भूल से कई लोग ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार भी हो चुके हैं। दो साल पहले टेलीनॉर द्वारा किये गए एक सर्वे के मुताबिक 36 फीसदी भारतीय ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए हैं।

पहले धोखाधड़ी करने वाले भिन्न-भिन्न तरीकों से आपकी पर्सनल डिटेल्स और सिक्योरिटी डिटेल्स जान लेते हैं और फिर आपको चूना लगा देते हैं। ये लोग फ्रॉड करने के लिए अधिकतर ट्रोजन वायरस, फिशिंग ईमेल, पैसा जीतने वाले ईमेल स्कैम आदि का सहारा लेते हैं। आज हम आप कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिनका अगर आप ध्यान रखेंगे तो कभी नेट बैंकिंग में ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार नहीं होंगे।

वेबसाइट के यूआरएल पर हो लॉक का चिह्न 

सबसे पहले तो ध्यान रखने वाली बात यह है कि, हमेशा जांच लें कि आप सही वेबसाइट पर लॉग इन कर रहे हैं या नहीं। आप जिस वेबसाइट पर अपने बैंक अकाउंट की सिक्योरिटी डिटेल्स डालें वह सेफ होनी चाहिए। इसे जांचने का सबसे आसान तरीका है कि, उस वेबसाइट के यूआरएल पर लॉक (अधिकतर लाल रंग में) का चिह्न दिखाई देना चाहिए। इस चिन्ह का मतलब है कि, वहां आपका पासवर्ड गोपनीय रहेगा। आपको बता दें कि, ऑफिशियल वेबसाइट का यूआरएल हमेशा https से शुरू होता है।

एंटी वायरस सॉफ्टवेयर करें यूज

अपने कंप्यूटर में हमेशा असली एंटी वायरस सॉफ्टवेयर होना चाहिए जिससे आपका कंप्यूटर फिशिंग और मेलवेयर के खतरों से बच सके। एंटी वायरस पर्सनल डिटेल्स में सेंध लगाने वाले स्पाई वायरस को भी पहचानकर उन्हें दूर करने का काम करता है।

बैंक ट्रांजेक्शन के लिए हो मोबाइल नोटिफिकेशन सुविधा 

अपने बैंक अकाउंट में मोबाइल नोटिफिकेशन की सुविधा अवश्य लें। मोबाइल नोटिफिकेशन की सुविधा से आपको अपने अकाउंट पर हो रही हर गतिविधि की तुरंत जानकारी मिलेगी। सिर्फ ट्रांजेक्शन ही नहीं लॉग इन में फेल होने की सूचना भी इस सुविधा से तुरंत आपको मिल जाती है।

नियमित रूप से चेक करें अपना अकाउंट 

नेट बैंकिंग करने वाले लोगों को किसी भी खतरे से बचने के लिए नियमित रूप से अपना अकाउंट चेक करते रहना चाहिए। अधिकतर बैंक अपनी वेबसाइट पर लास्ट लॉग इन की डेट बताते हैं। आपको कोई भी गतिविधि ऐसी दिखे जो आपके द्वारा नहीं की गई है तो तुरंत बैंक को सूचना दें और अपना पासवर्ड बदल लें।

लॉग आउट करना ना भूलें

इंटरनेट पर जब भी बैंकिंग का काम पूरा कर लें तो ध्यान से लॉग आउट जरूर कर दें। ध्यान रखें कि आपकी एक भूल आप पर बहुत भारी पड़ सकती है। इस बात का भी ध्यान दें कि कभी भी अपनी सिक्योरिटी डिटेल्स किसी से शेयर नहीं करें क्योंकि आपका बैंक भी आपसे कभी पासवर्ड या पिन नहीं पूछता है।

=>