लखनऊ

मरीज को गोद में उठाकर ले जाने को मजबूर हैं तीमारदार

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्साविश्वविद्यालय (केजीएमयू) की अनदेखी और ढुल मुल रवैये से इलाज तो दूर व्हीलचेयर-स्ट्रेचर तक मरीजों को नहीं मिल पा रही। ऐसे में तीमारदार मरीज को गोद में उठाकर ले जाने को मजबूर हैं। वहीं तीमारदार मरीज को गोद में उठाकर ले जाने को मजबूर हैं।आज दोपहर हादसे में घायल मरीज का सीटी स्कैन जांच होना था। केजीएमयू के ट्रामासेंटर से कोई स्ट्रेचर-व्हीलचेयर न मिलने पर तीमारदार मरीज को गोद में उठाकर जांच कराने पहुंचा। जहां से वापस मरीज को गोद में उठाकर वापस गया।

अफसरों का कहना है कि स्ट्रेचर-व्हीलचेयर मरीज खुद नहीं लेते हैं। इनकी कोई भी कमी नहीं है। फैजाबाद का रहने वाला सुखई (55) उसके सिर पर चोट लगी है। आज दोपहर करीब दो बजे वार्ड से मरीज को जांच के लिए भेजा गया। तीमारदार रामलाल का आरोप है कि कई जगह पर व्हीलचेयर-स्ट्रेचर की तलाश की गई मगर वह नहीं मिली। देरी होता देख मरीज को गोद में उठाकर जांच केंद्र पर जाना पड़ा। जहां भी स्ट्रेचर-व्हीलचेयर न मिलने पर वापस गोद में ही लाना पड़ा। तीमारदार का आरोप है कि वार्ड में स्ट्रेचर-व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

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